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प्रदर्शनकारियों ने केकेसी कॉलेज के मुख्य गेट के बाहर सड़क पर बैठकर विरोध जताया। एनसीईआरटी पर इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया। पुलिस ने बाद में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया
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div class=”f46ba790″लखनऊ में एनएसयूआई (NSUI) के छात्रों ने एनसीईआरटी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।div
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div class=”f46ba790″एनएसयूआई कार्यकर्ता एनसीईआरटी द्वारा गांधीजी, आरएसएस, गोडसे और 2002 के गुजरात दंगों से जुड़ी सामग्री को पाठ्यक्रम से हटाए जाने से नाराज थे।div
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केकेसी कॉलेज गेट पर सुबह से छात्रों का हंगामा
सोमवार सुबह से ही केकेसी कॉलेज के बाहर एनएसयूआई उत्तर प्रदेश सेंट्रल यूनिट के छात्र एकत्र हुए और एनसीईआरटी के निर्णय के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उन्होंने कहा कि गांधीजी, आरएसएस, गोडसे और 2002 गुजरात दंगे जैसे अहम ऐतिहासिक प्रसंगों को पाठ्यक्रम से हटाना छात्रों के ज्ञान और देश की ऐतिहासिक समझ पर हमला है।
विरोध प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए केकेसी कॉलेज के बाहर ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब प्रदर्शन उग्र रूप लेने लगा तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
छात्रों ने कहा– इतिहास को तोड़ने–मरोड़ने की साजिश
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि एनसीईआरटी द्वारा हाल में किए गए बदलाव शिक्षा को वैचारिक रूप से सीमित करने की दिशा में एक कदम हैं। छात्र अभिषेक तिवारी, एनएसयूआई के सक्रिय सदस्य ने कहा “महात्मा गांधी और 2002 दंगों जैसे अध्याय देश की चेतना का हिस्सा हैं।
इन्हें हटाना इतिहास को मिटाने जैसा है। हम चाहते हैं कि एनसीईआरटी अपने इस फैसले को वापस ले और असली इतिहास को छात्रों तक पहुंचने दे छात्रा पूजा वर्मा ने कहा अगर भविष्य की पीढ़ी को सच से दूर रखा जाएगा तो लोकतंत्र कमजोर होगा। शिक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष रहना चाहिए, न कि किसी विचारधारा का उपकरण बनना चाहिए।
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div class=”f46ba790″केकेसी महाविद्यालय के मुख्य गेट पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।div
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पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, ईको गार्डन भेजा
प्रदर्शन के चलते पुलिस बल ने कॉलेज गेट के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी थी। जब छात्र सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को शांति भंग न होने देने के लिए हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेजा गया है, जहां उन्हें शांतिपूर्वक रिहा किए जाने की प्रक्रिया की जा रही है।
एनएसयूआई ने राज्य व्यापी आंदोलन की चेतावनी दी
एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि यह केवल लखनऊ तक सीमित विरोध नहीं रहेगा। अगर एनसीईआरटी ने अपने फैसले को वापस नहीं लिया तो आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा। संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे “इतिहास बचाओ, शिक्षा बचाओ” अभियान के तहत राज्यभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों को जागरूक करेंगे।
लखनऊ पुलिस ने स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पाकर संभावित अव्यवस्था को टाल दिया। हालांकि, विरोध के कारण कॉलेज के आसपास कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।फिलहाल पुलिस प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है और एनएसयूआई के आगे के कार्यक्रमों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।




