div class=”a88a1c42″
div
div class=”f3e032cb”

div
div class=” cf559a0e b06c8b9b ”
div id=”Ad–28928716–Bhaskar–Article–M.DAB_AS_MID_300x250″ class=”fbad50ce”div
div
हिस्ट्रीशीटर जमानत पर जेल से बाहर आया था। उसने 2 साल पहले बदमाश की हत्या कर दी थी। उसी के मर्डर के आरोप में जेल में बंद था। बदमाश की गैंग के लोगों ने हिस्ट्रीशीटर को मारने की कसम खाई थी। शुरुआती जांच में पुलिस इसे दो गैंग के बीच दुश्मनी में हत्या मान रही है। हत्या से इलाके में तनाव है। घटना मऊ आइमा थाना क्षेत्र के कंचनपुर के पास की है।
div class=”f3e032cb “
div class=”f46ba790″हत्या की खबर पाकर मौके पर लोगों की भारी भीड़ लग गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।div
div class=”f3e032cb “
div class=”f46ba790″दो गोली लगने से हिस्ट्रीशीटर का सिर फट गया। सड़क पर खून पड़ा दिख रहा है। इसी स्पॉट पर गोली मारी गई।div
divdiv
हर दिन सफारी से चलता था, आज बाइक पर निकला
प्रतापगढ़ जिले के जगदलपुर थाना क्षेत्र के देहलूपुर गांव निवासी अफसर अहमद पुत्र रईसुल जमा हिस्ट्रीशीटर था। इस समय वह प्रयागराज के मारखा मऊ में अपनी ससुराल में रहता था। अफसर सोरांव से अपने घर मारखा मऊ लौट रहा था।
जानकारी के मुताबिक, अफसर आमतौर पर सफारी गाड़ी से चलता था, लेकिन आज वह बाइक से आ रहा था। रात 9 बजे के करीब कंचनपुरा चौराहे से पहले घात लगाए बैठे 2-3 बदमाशों ने उसे रोक लिया। इसके बाद उसके सिर में गोली मार दी। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
पुलिस को शक है कि बदमाश कई दिनों से अफसर अहमद की रेकी कर रहे थे। आज जब उन्हें अफसर के बाइक से आने की सूचना कन्फर्म मिली तो मारने के लिए घात लगाकर बैठ गए। आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं। इलाके में दहशत का माहौल है।
बड़े भाई की पुलिस मुठभेड़ हुई थी मौत
अफसर के पिता रईसुल जमा पुलिस विभाग में ड्राइवर थे। 2012 में जगदीशपुर में तैनाती के दौरान एक्सीडेंट में दिव्यांग हो गए थे। रईसुल जमा के चार लड़के थे। नसीम अहमद, अफसर अहमद , इजहार अहमद और जावेद अहमद। नसीम अहमद की 1996 में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। वह भी शातिर अपराधी था।
div class=”f3e032cb “
div class=”f46ba790″लोगों ने बताया- गोली चलने की आवाज आई। तब हम लोग आए।div
divdiv
अफसर पर 18 मुकदमे दर्ज
अफसर अहमद ने अपना खुद का गैंग बनाया था। इसकी गैंग के मेंबर ट्रकों पर फर्जी नेम प्लेट लगाकर माल लोड कर बेचने का काम करते हैं। छिनैती-लूट में भी इसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं। प्रतापगढ़ और प्रयागराज में इसके खिलाफ 18 मुकदमे दर्ज हैं।
दो साल पुराने नसीम हत्याकांड में मुख्य आरोपी था पुलिस अफसर अहमद की हत्या को दो साल पुराने नसीम हत्याकांड से जोड़कर देख रही है। 9 जनवरी, 2024 को मारखा मऊ निवासी नसीम अहमद और अफसर अहमद के बीच गैंगवार हुआ था। दोनों पक्षों के बीच मारपीट और गोली बारी हुई थी। जिसमें नसीम अहमद की मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार नसीम और अफसर के बीच क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर लंबे समय से तनातनी चल रही थी। नसीम की मौत के बाद उसके गैंग के लोगों ने अफसर को मारने की कसम खाई थी।
div class=”f3e032cb “
div class=”f46ba790″यह फोटो मृतक अफसर अहमद की है। वह प्रतापगढ़ जिले का रहने वाला था।div
divdiv
जमानत पर बाहर आया था अफसर
नसीम अहमद हत्याकांड में अफसर अहमद मुख्य आरोपी था। वह जेल भी गया। अभी कुछ दिन पहले जमानत पर बाहर आया था। पुलिस मान रही है कि उसी हत्याकांड की रंजिश में अफसर अहमद की हत्या को अंजाम दिया गया है।
पुलिस ने इस मामले में 19 जनवरी 2024 को मुकदमा संख्या 13/24 दर्ज किया था। तब से अफसर जेल में था।
एक और हत्या में था आरोपी
प्रयागराज के लवकुश की हत्या 2007 में की गई थी। जब वह बाजार से अपने घर जा रहे थे, तो पालगढ़ में उन्हें रोक कर गोली मारी गई थी। उसमें अफसर और उसके साथियों के नाम आया था। जेल भी गया था।
इस घटना के संबंध में एसीपी फूलपुर विवेक यादव ने बताया-
div class=”b36654ad”
बदमाशों ने अफसर अहमद को गोली मारने की सूचना मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
div




