div class=”a88a1c42″
div
div class=”d1172d9b”
div class=”edd8d071″div
div
div class=”f3e032cb”

div
div class=”f46ba790″div
div class=”fe1b7d06″div
लखनऊ में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर दो युवकों से जालसाजों ने ठगी कर ली। युवकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 45 लाख रुपए की ठगी की गई। फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए गए और विरोध करने पर धमकियां भी दी गईं।
div class=” cf559a0e b06c8b9b ”
div id=”Ad–28928716–Bhaskar–Article–M.DAB_AS_MID_300x250″ class=”fbad50ce”div
div
पहला मामला: 10 लाख की ठगी
सीतापुर के महोली निवासी तौफीक अहमद ने हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। उन्होंने बताया कि अर्जुन कुमार और रविकांत शुक्ला उर्फ सोनू अपने आपको समाज कल्याण विभाग के अफसरों का करीबी बताया। समाज कल्याण विभाग निदेशालय में लिपिक पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे 10 लाख रुपए ऐंठ लिए।
पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भेजे और विभाग में ड्यूटी ज्वाइन कराने के नाम पर समय-समय पर टालमटोल करते रहे। जब फर्जी वाले का पता चला तो पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने धमकियां दी और चेक पर हस्ताक्षर करा उल्टा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी भी दी।
दूसरा मामला: 35 लाख रुपए की ठगी
हुसैनगंज निवासी प्रशान्त कुमार दुबे ने आरोप लगाया कि निखिल वर्मा ने खुद को एपीसी कार्यालय में स्टेनो बताकर ग्राम विकास अधिकारी और समाज कल्याण पर्यवेक्षक पद की सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।
पीड़ित के मुताबिक जून 2023 से जनवरी 2025 के बीच अलग-अलग खातों और नकद के माध्यम से करीब 35 लाख रुपए ले लिए। आरोप है कि आरोपी ने मूल दस्तावेज और दो चेक भी अपने पास रख लिए। सरकारी डाक के जरिए भेजे गए फर्जी नियुक्ति पत्रों के कारण कार्यालय में ज्वाइनिंग के समय यह सामने आया कि नियुक्ति पत्र नकली हैं।
दोनों ही मामलों में पीड़ितों हजरतगंज थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर दी गई है। जल्द आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।




