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लखनऊ में शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय परिसर स्थित एक बैंक पर करोड़ों रुपए के फ्रॉड का आरोप लगा है। इसको लेकर खाताधारकों ने पारा थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। FIR में बैंक मित्र और अधिकारियों-कर्मचारियों पर पैसे हड़पने, फर्जी एफडी बनाने और सबूत मिटाने के गंभीर आरोप लगे हैं।
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बैंक शाखा परिसर में शनिवार को फिर कई ग्राहकों के खातों से अचानक लाखों रुपए गायब होने की खबर सामने आई। इस वित्तीय हेराफेरी से गुस्साए ग्राहकों और खाताधारकों ने बैंक परिसर में जमकर हंगामा किया और विरोध स्वरूप बैंक का मुख्य शटर बंद कर दिया। ग्राहकों ने कहा- अगर पैसा नहीं मिला तो बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों को काट डालेंगे।
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div class=”f46ba790″वित्तीय हेराफेरी से गुस्साए ग्राहकों और खाताधारकों ने बैंक परिसर में जमकर हंगामा किया।div
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div class=”f46ba790″ग्राहकों ने कहा- जब तक जांच नहीं हो जाती। किसी भी अधिकारी-कर्मचारी का ट्रांसफर नहीं होने देंगे।div
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ग्राहक कुसुमा बोलीं- 2 लाख रुपए खाते से निकाले
बैंक ग्राहक कुसमा ने बताया- बैंक मित्र शिवा राव के माध्यम से बैंक में ₹2 लाख रुपए जमा किए थे। हाल में पैसों की जरूरत पड़ी। जब रुपए निकालने बैंक पहुंची, तो खाते की जांच करने पर पता चला कि खाते से पूरा बैलेंस गायब है।
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div class=”f46ba790″बैंक ग्राहक कुसमा ने बताया-हाल में पैसों की जरूरत पड़ी। जब रुपए निकालने बैंक पहुंची, तो खाते की जांच करने पर पता चला कि खाते से पूरा बैलेंस गायब है।div
इस बात से आक्रोशित होकर कुसुमा ने बैंक प्रबंधन से जवाब मांगा, लेकिन संतोषजनक उत्तर न मिलने पर दूसरी महिला ग्राहकों के साथ मिलकर बैंक का शटर बंद कर प्रदर्शन किया। पीड़िता ने स्थानीय थाने में बैंक कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दी है।
5 दिन पहले भी किया था प्रदर्शन
बैंक मित्र शिवा राव ने कई लोगों के खाते से पैसे भी निकाल लिए। लोग जब FD की मैच्योरिटी डेट आई तो उसके पास गए। पता चला कि FD हुई ही नहीं थी। ग्राहक सीधे बैंक जाने के बजाय उसी के पास पैसा जमा कर रहे थे, उससे फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भी करा ली थी। जब लोगों के पैसे नहीं निकल रहे थे तो सब एकजुट हो गए। 12 जनवरी को लोगों ने बैंक शाखा में हंगामा कर दिया।
5 से ज्यादा खाताधारक पीड़ित
अब तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक 25 से अधिक खाताधारकों के खातों से अलग-अलग रकम निकाली गई। किसी से 8 हजार तो किसी से 13 लाख रुपए तक हड़प लिए गए। कुल रकम करोड़ों रुपए बताई जा रही है।
ने पीड़ितों से बात की थी तो एक ने बताया कि बेटी की शादी के लिए 12 लाख रुपए जमा किए थे। अब खाते में कुछ नहीं है। किसी ने बताया कि कुछ साल पहले 7.5 लाख रुपए फिक्स किए थे। अब मेरे खाते में पैसे नहीं हैं। कुछ लोगों ने अपनी जमा पर्ची की रसीद भी दिखाई…।
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div class=”f46ba790″एक पीड़िता ने 8 दिसंबर 2025 को 50 हजार रुपए जमा किए थे। खाते में अब भी रुपए नहीं पहुंचे।div
बेटी की शादी के लिए रखे थे 12 लाख, बैंक पहुंचते ही उड़ गए रुपए
पीड़ित शालिग्राम ने बताया कि उनकी बेटी की शादी तय है। इसी वजह से उन्होंने बैंक में 12 लाख रुपए जमा कर रखे थे। शादी की तैयारी के लिए पैसा निकालने बैंक पहुंचे तो पता चला कि खाते में एक रुपया भी नहीं है। शालीग्राम का कहना है कि जब बैंककर्मियों से सवाल किया तो उन्हें टालमटोल जवाब दिए गए। अब समझ नहीं आ रहा कि अगर पैसा वापस नहीं मिला तो कहां जाएं।
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7.5 लाख जमा थे, खाते में निकले शून्य
ओमकार यादव ने बताया कि उनके खाते में 7.5 लाख रुपए जमा थे। 12 जनवरी को उनके पिता बैंक पहुंचे तो खाते में पैसा नहीं मिला। शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर थाने जाना पड़ा, जहां सिर्फ आश्वासन ही मिला।
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पत्नी-बेटी के नाम फर्जी एफडी, खाते से 13 लाख की निकासी
कुल्हड़ कट्टा निवासी अवधेश ने बताया कि उन्होंने बेटी की शादी के लिए चार-चार लाख और तीन लाख की एफडी कराई थी। इसके अलावा खाते में 70 हजार रुपए भी जमा थे, लेकिन सब गायब कर दिए गए। इतना ही नहीं, उनकी पत्नी सरोजनी और बेटी जानकी के नाम से 10-10 लाख की फर्जी एफडी तक बना दी गई। खाते से कुल 13 लाख रुपए निकाल लिए गए। शिकायत के बाद भी किसी स्तर पर सुनवाई नहीं हुई।
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बच्चे की फीस के लिए जमा किए थे पैसे
पीड़ित नूरजहां ने बताया कि उसने अपने बच्चों की फीस जमा करने के लिए बैंक में पैसे जमा करवाए थे। जब बैंक में पैसा निकालने आए तो पता चला खाते में सिर्फ 400 है। ढाई लाख रुपए गायब है। इसकी शिकायत मैनेजर से करी तो मैनेजर ने कहा कि जिससे पैसा जमा करवाया है उससे बात करो। जिस बैंक मित्र से पैसा जमा करवाया था उसको पकड़ने के लिए रुके रहे।
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8 या 10 नहीं, 50 से ज्यादा लोगों के आरोप
मामला शकुंतला विश्वविद्यालय में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा ब्रांच का है। यहां के बैंक मित्र पर लोगों ने धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। आरोपों के अनुसार, 8 या 10 नहीं, 50 से ज्यादा लोगों के साथ धोखाधड़ी हुई है। 12 जनवरी को ब्रांच में पहुंचकर लोगों ने हंगामा भी कर दिया था।
मौके पर ही बैंक मित्र भी मिल गया था। महिलाओं और कुछ बुजुर्गों ने उसका कॉलर पकड़ लिया था। मौके पर मौजूद पुलिसवालों ने लोगों को पकड़ा। उसके बाद बैंक मित्र मैनेजर के केबिन में जाकर बैठ गया था। लोग जब कुछ नहीं कर सके तो ब्रांच के बाहर नारेबाजी की थी।
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div class=”f46ba790″लोगों के अनुसार गहरे हरे रंग का जैकेट पहने चश्मा वाला शख्स बैंक मित्र है। लोगों के पहुंचने पर ब्रांच मैनेजर के केबिन में घुस गया था।div
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तीन महीने पहले बैंक में लगी थी आग
शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय परिसर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में करीब तीन महीने पहले आग लगी थी। आगे से कई अहम दस्तावेज जल गए थे। अफसरों ने इस बात को छिपा लिया था। फिर इसके बाद ब्रांच मैनेजर ने आगजनी का मुकदमा भी दर्ज कराया था। ग्राहकों को आशंका है कि इस आग का इस्तेमाल बैंक रिकॉर्ड और सबूत मिटाने के लिए किया गया हो सकता है।
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div class=”f46ba790″लोगों ने बैंक मित्र को ब्रांच के अंदर ही घेर लिया था। उसे पुलिसवालों ने लोगों से छुड़वाया।div
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बैंक में 2020 से तैनात बैंककर्मी भी जद में
थाने में शिकायतकर्ता राम सिंह यादव (सलेमपुर पतौरा) की लिखित शिकायत पर FIR दर्ज हो गई है। इसमें बैंक मित्र शिवा राव और 2020 से तैनात अज्ञात अधिकारियों-कर्मचारियों पर पैसे हड़पने, फर्जी FD बनाने और सबूत मिटाने के लिए बैंक में आग लगवाने तक के गंभीर आरोप लगे हैं।
फर्जी वाउचर से निकाले लाखों
ग्राम सलेमपुर पतौरा निवासी राम सिंह यादव ने पुलिस को बताया कि उनके खाते से बैंक मित्र और कर्मचारियों ने फर्जी बिल-वाउचर बनाकर करीब 8.60 लाख रुपए निकाल लिए। इसके अलावा 10 लाख रुपए की एफडी थमा दी गई, जबकि इतनी ही रकम किसी अन्य व्यक्ति के नाम से जमा कर बाद में निकाल ली गई।




