div class=”f3e032cb”
(सीनियर पत्रकार मदन पोरवाल)
divdiv
divdiv
div class=”a330ff56″बहराइच के खैरीघाट थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम तेंदुए के हमले से एक सात वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। यह घटना बाजपुरवा गांव में शाम करीब 5 बजे उस समय हुई, जब बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। अचानक झाड़ियों से निकले तेंदुए ने उस पर झपट्टा मार दिया, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई।div
div
div class=” cf559a0e b06c8b9b ”
div id=”Ad–28928716–Bhaskar–Article–M.DAB_AS_MID_300x250″ class=”fbad50ce”div
div
गंभीर रूप से घायल बच्ची आफरीन का इलाज मेडिकल कॉलेज बहराइच की इमरजेंसी में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उसके सिर में गहरी चोट आई है और हालत अभी भी गंभीर है।
div class=”f3e032cb “
div class=”f46ba790″एम्बुलेंस से घायल बच्ची को ले जाते स्वास्थ्य कर्मी और वन विभाग की टीमdiv
div class=” cf559a0e b06c8b9b ”
div id=”Ad–28928716–Bhaskar–Article–M.DAB_AS_MID2_300x250″ class=”fbad50ce”div
div
div class=”f3e032cb “
div class=”f46ba790″गांव में गश्त करती वन विभाग की टीम।div
div class=”f3e032cb “
div class=”f46ba790″div
झाड़ियों से निकला तेंदुआ, बच्ची पर झपट्टा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्ची की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों ने शोर मचाया और लाठी-डंडों के साथ तेंदुए की ओर बढ़े, जिसके बाद जंगली जानवर वहां से भाग गया। ग्रामीणों की तत्परता से बच्ची की जान तो बच गई, लेकिन हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उसके शरीर पर गहरे घाव बताए जा रहे हैं।
5–7 मीटर तक घसीटा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेंदुआ गन्ने के खेत की तरफ से आया और अचानक बच्ची पर झपट पड़ा। वह उसे करीब 5 से 7 मीटर तक घसीट ले गया। बच्ची की चीख सुनकर गांव के लोग दौड़े और शोर मचाया। इसके बाद तेंदुआ बच्ची को छोड़कर भाग गया।
परिजन तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां से प्राथमिक इलाज के बाद मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद रेफर
परिजन आनन-फानन में बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर ले गए। वहां मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। सीएचसी शिवपुर के डॉ. विकास सिंह के अनुसार, आफरीन (7 वर्ष), पुत्री तसव्वर, को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था।
हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया गया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक बच्ची का उपचार जारी है और डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है।
वन विभाग की टीम मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग को अवगत कराया गया। रेंजर पीयूष गुप्ता ने बताया कि वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। रात का समय होने के कारण तेंदुए के पगचिह्न स्पष्ट रूप से नहीं मिल सके हैं, लेकिन क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। आसपास के जंगल और झाड़ियों की निगरानी की जा रही है ताकि तेंदुए की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
गांव जंगल से करीब 10 किलोमीटर दूर
गांव जंगल से करीब 10 किलोमीटर दूर है। हालांकि गांव नदी के कछार में बसा है और आसपास बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती है। घनी फसल और झाड़ियां जंगली जानवरों के छिपने की जगह बन जाती हैं।
करीब एक महीने पहले भी यहां मवेशियों पर हमला हुआ था। तब वन विभाग ने एक तेंदुए को पकड़ा था।
ग्रामीणों में दहशत, सतर्कता की अपील
इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और नियमित गश्त की मांग की है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि बच्चे अकेले बाहर न खेलें, शाम के समय विशेष सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। फिलहाल प्रशासन और वन विभाग की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।




