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पूर्वांचल में बिश्नोई गैंग तक असलहों की सप्लाई, गोरखपुर पुलिस ने तोड़ी तस्करों की चेन

October 4, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

गोरखपुर में अवैध असलहा तस्करी करने वाले बड़े नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। खोराबार पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से पिस्टल, तमंच…

गोरखपुर में अवैध असलहा तस्करी करने वाले बड़े नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। खोराबार पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से पिस्टल, तमंचा, जिंदा कारतूस और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही डिजायर कार बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क के तार पूर्वांचल के कई जिलों के साथ-साथ लॉरेंस बिश्नोई गैंग तक जुड़े हैं। इतना ही नहीं, चिलुआताल में हुए राजकुमार चौहान हत्याकांड में इस्तेमाल हथियार की सप्लाई भी इसी नेटवर्क से जुड़े गिरोह द्वारा किए जाने की बात सामने आई है

खोराबार में 3 गिरफ्तार, पिस्टल-तमंचा और डिजायर कार बरामद

3 अक्टूबर को खोराबार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में अफजल खान, मोहम्मद शमी और एक बाल अपचारी शामिल है। पुलिस ने इनके पास से एक .32 बोर की पिस्टल, एक .315 बोर का तमंचा, जिंदा कारतूस और एक डिजायर गाड़ी बरामद की है। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ रही है

एक ही सप्लायर से पहुंच रहे थे हथियार, कई जिलों में फैला नेटवर्क

सीओ कैंट अरुण कुमार एस के मुताबिक, यह कार्रवाई किसी एक घटना तक सीमित नहीं है। इस अवैध असलहा तस्कर गिरोह के खिलाफ पिछले कुछ समय से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई में अलग-अलग जिलों से इस नेटवर्क से जुड़े कई आरोपी पकड़े जा चुके हैं और बड़ी संख्या में अवैध हथियार बरामद हुए हैं। 23 अगस्त को संत कबीर नगर में दो आरोपियों को दो पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया। 15 सितंबर को एसटीएफ और एंटी थेफ्ट टीम ने पांच आरोपियों को चार पिस्टल और एक रिवॉल्वर के साथ पकड़ा। इसी दिन कुशीनगर के कप्तानगंज में भी एक आरोपी से एक पिस्टल बरामद हुई। इसके बाद कैंट पुलिस ने इसी नेटवर्क से जुड़े करण सोनकर को पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया, जबकि 30 सितंबर को चार आरोपियों से दो पिस्टल बरामद की गईं

चिलुआताल हत्याकांड के हथियार की सप्लाई भी इसी नेटवर्क से जुड़ी

अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में सबसे बड़ा कनेक्शन सामने आया है चिलुआताल के राजकुमार चौहान हत्याकांड का। पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड में इस्तेमाल हथियार और हाल में बरामद किए गए हथियारों की सप्लाई एक ही गैंग से होने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि गिरफ्तार किए गए ये आरोपी राजकुमार चौहान हत्याकांड में सीधे तौर पर शामिल नहीं थे, बल्कि मामला हथियारों की सप्लाई से जुड़ा है

बिश्नोई गैंग तक भी इसी नेटवर्क से पहुंची असलहों की खेप

पुलिस के मुताबिक, जांच में यह बात भी सामने आई है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों तक भी हथियारों की सप्लाई इसी ग्रुप के जरिए हुई है। यानी गोरखपुर से सामने आया यह नेटवर्क सिर्फ पूर्वांचल तक सीमित नहीं, बल्कि बड़े आपराधिक नेटवर्क तक असलहे पहुंचाने का काम कर रहा था। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि इस नेटवर्क का मुख्य सप्लायर कौन है और हथियारों की खेप कहां से लाई जाती थी

25 से 30 हजार में खरीद, 35 से 40 हजार में बिक्री

पूछताछ में अवैध हथियारों के कारोबार का तरीका भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, तस्कर लगभग 25 से 30 हजार रुपये में पिस्टल हासिल करते थे और उसे लगभग 35 से 40 हजार रुपये तक में बेचते थे। यानी हर पिस्टल की बिक्री पर उन्हें करीब 10 हजार रुपये तक का मुनाफा होता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले हथियारों की मांग और खरीदारों की पहचान करते थे, इसके बाद सप्लायर से पिस्टल मंगाकर अलग-अलग जिलों में पहुंचाते थे। कई बार हथियारों की डिलीवरी सीधे खरीदारों तक की जाती थी, ताकि नेटवर्क के दूसरे सदस्यों की पहचान सामने न आए। कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए तस्करों ने हथियारों की खरीद, सप्लाई और बिक्री का पूरा नेटवर्क तैयार किया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कारोबार में अब तक कितने हथियार बेचे गए और इससे जुड़े कितने लोग सक्रिय हैं

25 हजार का इनामी वीरू साहनी भी नेटवर्क का हिस्सा

पुलिस की पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़े कई और नाम भी सामने आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, गिरोह से जुड़े कई लोगों का आपराधिक इतिहास है। इसी नेटवर्क से जुड़े वीरू साहनी पर लगभग 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है। पुलिस अब नेटवर्क के बाकी सदस्यों और मुख्य सप्लायर तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। गोरखपुर पुलिस, एसटीएफ और एंटी थेफ्ट टीम की लगातार कार्रवाई के बाद अब इस असलहा नेटवर्क की कई कड़ियां सामने आ चुकी हैं। पुलिस की जांच का फोकस अब हथियारों के स्रोत, मुख्य सप्लायर और उन अपराधियों तक पहुंचने पर है, जिन्हें इस नेटवर्क के जरिए असलहे उपलब्ध कराए जाते थे। पुलिस का दावा है कि अवैध हथियारों की इस सप्लाई चेन को पूरी तरह खत्म करने तक कार्रवाई जारी रहेगी

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Source: RNI News

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