Skip to content
October 8, 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
मां को गालियां दीं, लेकिन मैं उन्हें माफ करता हूं… जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पीएम मोदी की देश से बड़ी अपील, राष्ट्रपति ने पेपर लीक कानून संशोधन को दी मंजूरी, राज्यों में फास्ट ट्रैक अदालतों का रास्ता साफ *RBI का नया नियम : अब बैंकों को अपनी सभी शाखाओं में जमा पर देना होगा एकसमान ब्याज, चाहे सरकारी हो या प्राइवेट… अब चढ़ावा आठ सदस्यीय निगरानी टीम के हवाले, नई व्यवस्था 25 जुलाई से लागू विदिशा ट्रस्ट ने ‘वाइब्रेंट विदिशा’ के 15वें संस्करण का आयोजन किया; लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र स्थित हुसड़िया चौराहे के पास एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल कम डालने के आरोप को लेकर विवाद हिंसक हो गया। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र में मोहर्रम का जुलूस देख रहे एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते चाकू से हमला किया गया। विश्व योग दिवस पर प्रेरणा वाटिका पार्क में हुआ भव्य योग कार्यक्रम।
anya

‘क्रांतिवीर’ की दहाड़ से सेट के बावर्ची तक, नाना पाटेकर से जुड़े अनसुने किस्से –

October 8, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

3…

3

“आ गए… मेरी मौत का तमाशा देखने?” फिल्म ‘क्रांतिवीर’ का यह संवाद और नाना पाटेकर की दमदार आवाज आज भी सिनेमा प्रेमियों के जेहन में गूंजती है। अपने सशक्त अभिनय, बेबाक संवाद अदायगी और अलग अंदाज से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाले दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया। उनके निधन की खबर से फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है।

नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उन्होंने वर्ष 1978 में फिल्म ‘गमन’ से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की। शुरुआती दौर में उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाईं और धीरे-धीरे अपनी दमदार अदाकारी के दम पर हिंदी सिनेमा में अलग पहचान बनाई। ‘अंकुश’ और ‘परिंदा’ जैसी फिल्मों ने उन्हें पहचान दिलाई, जबकि ‘क्रांतिवीर’ ने उनके अभिनय को नई ऊंचाई दी। नाना की संवाद अदायगी, चेहरे के हावभाव और किरदार में पूरी तरह उतर जाने की क्षमता उन्हें अपने दौर के अन्य कलाकारों से अलग बनाती थी।करीब पांच दशक लंबे फिल्मी सफर में नाना पाटेकर ने गंभीर से लेकर हास्य तक कई तरह के किरदार निभाए। ‘प्रहार’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा। वहीं ‘वेलकम’ में उदय शेट्टी के किरदार ने उनकी गंभीर छवि से अलग हास्य का नया रंग दर्शकों के सामने रखा। उनके अभिनय की खासियत यह थी कि वह किरदार को केवल निभाते नहीं थे, बल्कि उसमें पूरी तरह उतर जाते थे।

नाना पाटेकर की शख्सियत का एक अलग पहलू उनका खाना बनाने का शौक भी था। एक फिल्म की शूटिंग के दौरान वह एक दिन कैमरे के सामने अभिनेता की भूमिका में नहीं, बल्कि सेट पर बावर्ची के रूप में नजर आए। उन्होंने फिल्म की पूरी टीम के लिए अपने हाथों से खास डिश तैयार की थी। बताया जाता है कि इस व्यंजन की रेसिपी उन्हें अपनी मां से मिली थी। नाना का यह अंदाज उनके सहकर्मियों के बीच उनकी सहज और जमीन से जुड़ी शख्सियत को दर्शाता था।अपने अभिनय के लिए नाना पाटेकर को तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया। उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया। उन्होंने अपने अभिनय के जरिए कई ऐसे किरदार दिए, जिन्हें भारतीय सिनेमा के यादगार पात्रों में गिना जाता है।

Forgot your password? Get help

div

Source: Filmitics

शेयर करें:

संबंधित खबरें

और खबरें

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *