अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला को अर्पित किए जाने वाले भोग प्रसाद की गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मान…
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला को अर्पित किए जाने वाले भोग प्रसाद की गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की जांच में मंदिर की रसोई से लिए गए सभी नमूने निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरे हैं। इसके बाद अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को FSSAI की ओर से ‘भोग प्रमाणपत्र’ सौंपा जाएगा।खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सूत्रों के मुताबिक, करीब दो महीने पहले राम मंदिर की रसोई के भंडार गृह से नमूने एकत्र किए गए थे। प्रयोगशाला में जांच के दौरान सभी नमूने मानकों के अनुरूप पाए गए। अब FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रजित पुन्हानी ट्रस्ट को प्रमाणपत्र सौंप सकते हैं।
सीता रसोई में प्रतिदिन तैयार होता है भोग
राम जन्मभूमि परिसर स्थित सीता रसोई में प्रतिदिन रामलला के लिए भोग तैयार किया जाता है। इसकी व्यवस्था के लिए कर्मचारियों की टीम तैनात रहती है। विशेष अवसरों पर भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाता है। वहीं, एकादशी और अन्य विशेष तिथियों पर फलाहार की व्यवस्था की जाती है। प्रतिदिन फल और जूस भी अर्पित किए जाते हैं। भोग अर्पित करने के बाद प्रसाद को मंदिर के पुजारियों, ट्रस्ट के कर्मचारियों और श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया जाता है।
स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों की होती है जांच
FSSAI धार्मिक स्थलों पर तैयार होने वाले भोग और प्रसाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ‘भोग’ प्रमाणन प्रक्रिया संचालित करता है। इसके तहत खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, पानी की शुद्धता, घी-तेल, बर्तनों की साफ-सफाई, रसोई की स्वच्छता और भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों से जुड़े स्वास्थ्य मानकों की जांच की जाती है। सभी नमूनों के मानकों पर खरा उतरने के बाद राम मंदिर को भोग प्रमाणपत्र मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इससे मंदिर में तैयार होने वाले भोग प्रसाद की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को औपचारिक मान्यता मिलेगी।
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Source: Filmitics







