गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के राप्तीनगर फेज-1 में घरेलू गैस सिलिंडर की मरम्मत के दौरान भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आने से बुजुर्ग दंपती…
गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के राप्तीनगर फेज-1 में घरेलू गैस सिलिंडर की मरम्मत के दौरान भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आने से बुजुर्ग दंपती समेत चार लोग झुलस गए। बताया जा रहा है कि सिलिंडर में खराबी आने के बाद उसे ठीक कराने के लिए गैस एजेंसी के हॉकर को बुलाया गया था। इसी दौरान गैस रिसाव की जांच करते समय अचानक आग भड़क उठी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य में मदद की। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया
घटना 10 अक्टूबर की सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, राप्तीनगर फेज-1 में रहने वाले 75 वर्षीय रंजन दास के घरेलू गैस सिलिंडर में खराबी आ गई थी। सिलिंडर की मरम्मत के लिए गैस एजेंसी के हॉकर इंद्रेश को बुलाया गया। बताया जा रहा है कि मरम्मत के दौरान गैस रिसाव की जांच की जा रही थी, तभी अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। कुछ ही देर में मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई
इस हादसे में मकान मालिक रंजन दास, उनकी 70 वर्षीय पत्नी जया दास और हरसेवकपुर निवासी 65 वर्षीय दशावती देवी झुलस गईं। वहीं, सिलिंडर की मरम्मत कर रहे 40 वर्षीय गैस एजेंसी के हॉकर इंद्रेश के हाथ भी झुलस गए। हादसे के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। जानकारी के अनुसार, तीन घायलों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जबकि हॉकर इंद्रेश का उपचार एक निजी अस्पताल में कराया गया। घटना के बाद परिवार के लोगों और आसपास के निवासियों में चिंता का माहौल रहा
मकान में आग लगने की सूचना पुलिस को पीआरवी के माध्यम से मिली। सूचना मिलते ही शाहपुर थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने के प्रयासों में मदद की। घायलों को उपचार के लिए पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं गोरखनाथ क्षेत्र के सीओ रवि कुमार सिंह ने बताया कि घायलों की स्थिति खतरे से बाहर है। हालांकि हादसे के दौरान आग किस वजह से और किन परिस्थितियों में भड़की, इसकी विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक जांच के निष्कर्ष अहम होंगे
यह घटना घरेलू गैस सिलिंडर की मरम्मत और गैस रिसाव की जांच के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत को सामने लाती है। गैस रिसाव की स्थिति में आग या चिंगारी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में सिलिंडर की मरम्मत प्रशिक्षित तकनीशियन से कराना और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। फिलहाल इस घटना में चार लोगों के झुलसने की पुष्टि से जुड़ी जानकारी सामने आई है। राहत की बात यह रही कि पुलिस के अनुसार, घायलों की हालत खतरे से बाहर थी। गोरखपुर के राप्तीनगर में हुई यह घटना एक बार फिर घरेलू गैस सिलिंडर के इस्तेमाल और मरम्मत के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने की जरूरत बताती है
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Source: RNI News







