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विकास कार्यों पर उठे सवाल, 4.30 लाख की CC रोड डेढ़ साल में उखड़ी; पानी के लिए भटक रहे ग्रामीण

October 11, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जनपद की ग्राम पंचायत भिलखेड़ा की कुकरा बसावट में सड़क, पेयजल और सामुदायिक भवन जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों ने नाराज…

बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जनपद की ग्राम पंचायत भिलखेड़ा की कुकरा बसावट में सड़क, पेयजल और सामुदायिक भवन जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 4 से 4.30 लाख रुपये की लागत से बनी सीसी सड़क डेढ़ साल के भीतर ही उखड़ने लगी। सड़क पर गिट्टी, कंकड़ और पत्थर बाहर निकल आए हैं। इसके अलावा करीब 10 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित सामुदायिक भवन अधूरा पड़ा है।ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और खर्च की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है

25 साल पुरानी बसावट, फिर भी पेयजल संकट

ग्रामीणों के मुताबिक, कुकरा बसावट करीब 25 साल से आबाद है, लेकिन आज भी लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। नर्मदा नदी के नजदीक रहने के बावजूद कई परिवारों तक घर में पेयजल की सुविधा नहीं पहुंच पाई है।ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें फिल्टर प्लांट से पानी लाने के लिए 2 से 3 किलोमीटर तक जाना पड़ता है। मजदूरी करने वाले परिवारों के लिए रोजाना पानी जुटाना अतिरिक्त परेशानी बन गया है

खुले कुएं के पानी पर निर्भरता, हादसे का भी खतरा

ग्रामीण महिला सावित्री केवट ने बताया कि बसावट में स्थित खुले कुएं में पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं के आने-जाने से पानी की स्वच्छता को लेकर चिंता बनी रहती है। कुएं के आसपास सुरक्षा जाली या तार की फेंसिंग नहीं होने से बच्चों के गिरने का डर भी बना रहता है।ग्रामीणों ने मांग की है कि पेयजल की स्थायी व्यवस्था की जाए और खुले कुएं की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं

डेढ़ साल में उखड़ी सीसी रोड, निर्माण की जांच की मांग

ग्रामीण धर्मेंद्र केवट सहित अन्य लोगों का आरोप है कि सीसी रोड के निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। सड़क से गिट्टी और कंकड़ निकलने के कारण आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दौरान रास्ते पर कीचड़ की समस्या भी होती है।ग्रामीणों ने सड़क की लागत, निर्माण सामग्री और गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क की खुदाई कर निर्माण की परतों और सामग्री की जांच की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके

10 लाख का सामुदायिक भवन अधूरा, सुविधाओं का इंतजार

ग्रामीणों के मुताबिक, बसावट में शादी-विवाह और अन्य घरेलू कार्यक्रमों के लिए बनाया जा रहा सामुदायिक भवन अब तक पूरा नहीं हुआ है। भवन के आसपास गंदगी और कचरा होने की बात भी सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि भवन समय पर तैयार हो जाता तो स्थानीय लोगों को कार्यक्रम आयोजित करने में सुविधा मिलती।ग्रामीणों ने भवन के निर्माण कार्य और खर्च की जांच कराने के साथ इसे जल्द पूरा करने की मांग की है

बिजली कटौती और प्रशासनिक सुनवाई पर भी नाराजगी

नर्मदा बाई और अन्य ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल और बिजली की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि शिकायतों के बावजूद उन्हें स्थायी समाधान नहीं मिल पाया है। कुछ ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय में आवेदन देने और अधिकारियों के चक्कर लगाने की बात भी कही।ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों पर कार्रवाई और जांच की रिपोर्ट की जानकारी उन्हें नहीं मिलती। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर सड़क, सामुदायिक भवन और पेयजल व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है

ग्रामीणों की मांग-जांच हो, जिम्मेदारी तय हो

कुकरा बसावट के ग्रामीणों ने संबंधित निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच, पेयजल की स्थायी व्यवस्था, सामुदायिक भवन को पूरा कराने और बिजली संबंधी समस्याओं का निराकरण करने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग ग्रामीणों की शिकायतों पर क्या कदम उठाते हैं

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Source: RNI News

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