पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले की गहन जांच का आश्वासन देते हुए क…
पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले की गहन जांच का आश्वासन देते हुए कहा है कि जांच के दौरान किसी भी साजिश का पता चला तो उसका पर्दाफाश किया जाएगा। वहीं, झोटा के परिवार ने न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का फैसला लिया है। घटना के तीन दिन बाद भी उनका शव मानसा के सिविल अस्पताल के शवगृह में रखा हुआ है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिल्लौर में ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के तहत आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि घटना से जुड़े हर पहलू की गंभीरता से जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गलत काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को जवाबदेही से बचने नहीं दिया जाएगा। सीएम मान ने कहा कि कानून अपना काम करेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने समाज के कल्याण के लिए काम करने वाले लोगों से ऐसी घटनाओं के बावजूद अपने संकल्प को कमजोर न पड़ने देने की अपील भी की।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झोटा की हत्या और पिछले महीने गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले में पंजाब सरकार से जवाब मांगने की बात कही है। गुलजार सिंह ने अपने इलाके में नशीले पदार्थों की आपूर्ति को लेकर एक मंत्री से सवाल किया था। इन दोनों मामलों को लेकर पंजाब सरकार पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी।
झोटा की हत्या के बाद विभिन्न संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संयुक्त कार्रवाई समिति का गठन किया है। समिति ने मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई है। समिति ने मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी और औषधि निरीक्षक को बर्खास्त करने की मांग की है।
अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज और तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह ने झोटा के परिवार से मुलाकात की। ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने झोटा को सिख समुदाय के शहीद का दर्जा भी दिया। शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल, कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने भी परिवार से मुलाकात कर न्याय की लड़ाई में समर्थन देने का आश्वासन दिया।
परविंदर सिंह झोटा की मंगलवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। खबरों के मुताबिक, मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार पर हत्या का आरोप है। बताया गया है कि झोटा ने एक बुजुर्ग को नशे की दवाएं बेचे जाने को लेकर कुमार से सवाल किया था। इसके बाद हुई घटना में झोटा की जान चली गई। पुलिस ने आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया। बताया गया है कि घटना के समय झोटा फेसबुक पर लाइव थे। हत्या के बाद पंजाब में नशे के कारोबार, कानून-व्यवस्था और सरकार की जवाबदेही को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में परिवार न्याय की मांग पर अड़ा है, जबकि विभिन्न राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने निष्पक्ष और गहन जांच का भरोसा दिया है। अब मामले में जांच की दिशा, सामने आने वाले तथ्य और दोषियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
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Source: Filmitics







