div class=”a88a1c42″
div
div class=”f3e032cb”

div
div class=”f46ba790″एक्स आईपीएस अमिताभ ठाकुर।div
div class=”fe1b7d06″div
लखनऊ के हजरतगंज इलाके में यूपी पुलिस और एक एडीजी रैंक अफसर के बेटे के बीच झड़प का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस प्रकरण में आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने यूपी डीजीपी को पत्र भेजकर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
div class=” cf559a0e b06c8b9b ”
div id=”Ad–28928716–Bhaskar–Article–M.DAB_AS_MID_300x250″ class=”fbad50ce”div
div
अमिताभ ठाकुर ने इस प्रकरण को “गंभीर और भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने वाला” करार देते हुए कहा है कि इस मामले में दो पूरी तरह से अलग-अलग कहानियां सामने आ रही हैं।
एक प्रकरण के दो वर्जन आए सामने
div class=”f5e1d774 ”
- पहली कहानी के अनुसार एडीजी के बेटे ने नशे की हालत में केडी सिंह बाबू स्टेडियम के पास सिपाही अर्जुन और दरोगा पांडे पर हमला किया। बाद में एडीजी की पत्नी ने थाने में दरोगा को चांटा मारा।
- दूसरी कहानी के अनुसार हजरतगंज इंस्पेक्टर, एसीपी सहित कई पुलिसकर्मियों ने एडीजी के बेटे से अकारण मारपीट की।
div
अमिताभ ठाकुर ने दावा किया कि उन्हें जिस एडीजी अधिकारी का नाम बताया गया है, वह इस समय डीजीपी कार्यालय में तैनात हैं। उन्होंने मामले की पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई।
डीजीपी को लिखा गया पत्र, तथ्यों के सार्वजनिक किए जाने की मांग
अमिताभ ठाकुर ने अपने पत्र में मांग की है कि मामले की जांच किसी निष्पक्ष वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए और पूरे तथ्य जल्द से जल्द सार्वजनिक किए जाएं, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोनों पक्षों के बीच फैले भ्रम की स्थिति समाप्त हो।




