अयोध्या।
राम मंदिर में व्यवस्थाओं की समीक्षा के बीच विदेशी महिला यात्री की शिकायत पर राम मंदिर आंदोलन में जान गंवाने वाले कारसेवक वासुदेव गुप्त के पुत्र संदीप गुप्ता की सेवा समाप्त किए जाने का मामला सामने आया है। संदीप गुप्ता तीर्थ यात्री सेवा केंद्र में लॉकर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार, पिछले दिनों रामलला के दर्शन के लिए आई एक विदेशी महिला यात्री ने राम मंदिर ट्रस्ट के ई-मेल पर संदीप गुप्ता के व्यवहार को लेकर शिकायत की थी। शिकायत ट्रस्ट के संज्ञान में आने के बाद अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन की ओर से संदीप को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
उनसे शिकायत के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया। सूत्रों के अनुसार संदीप गुप्ता ने नोटिस का जवाब भी दिया, लेकिन ट्रस्ट स्तर पर जवाब को संतोषजनक नहीं माना गया। इसके बाद उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। महिला यात्री की शिकायत में क्या आरोप लगाए गए थे, इसकी भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इस कार्रवाई के बाद राम मंदिर से जुड़े लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
कार्यशाला के 32 कर्मी भी हटाए गए
इसी बीच ट्रस्ट की पुरानी व्यवस्थाओं की समीक्षा और कर्मचारियों के खिलाफ मिली शिकायतों पर कार्रवाई का क्रम जारी है। ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार, रामघाट और रामसेवकपुरम स्थित कार्यशाला में काम कर रहे करीब 32 कर्मियों को पिछले एक माह के भीतर सेवा से हटाया गया है। इनके खिलाफ शिकायतों के बाद कारण बताओ नोटिस दिए जाने और जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि इन मामलों पर ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।






