अयोध्या में श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO और सदस्यों की नियुक्ति को लेकर प्रतिक्रिया दी है। सहारनपुर पहुंचे अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे, कर्मचारियों की गिरफ्तारी और अयोध्या के विकास को लेकर कई सवाल उठाए।
नए CEO की नियुक्ति पर अखिलेश ने क्या कहा?
राम मंदिर ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की चर्चाओं के बीच अखिलेश यादव ने कहा कि नई व्यवस्था आने से पुरानी बातों को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस मामले में सामान्य कर्मचारियों को जेल भेज दिया गया। अखिलेश यादव ने सवाल किया कि “सेवा करने वालों को जेल क्यों भेजा?” उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में रामधन पर किसी तरह की डकैती नहीं होगी।
अयोध्या के विकास को लेकर भी साधा निशाना
सपा प्रमुख ने अयोध्या में हुए निर्माण कार्यों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में जितना पैसा खर्च हुआ है, उसके हिसाब से शहर का निर्माण विश्वस्तरीय होना चाहिए था। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी के मन में अयोध्या के विकास के बजाय जमीन से जुड़े मामलों में लालच था और गरीबों को उनका उचित मुआवजा नहीं दिया गया।
ट्रस्ट की बैठक में नए सदस्यों पर भी चर्चा
अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब अयोध्या स्थित मणिरामदास की छावनी में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक चल रही है। बैठक में ट्रस्ट के नए CEO और सदस्यों की नियुक्ति समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
2027 में सरकार बनाने का किया दावा
इस दौरान अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीति को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आरक्षण था, है और रहेगा। अखिलेश ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी जितना आरक्षण के पक्ष में बोलती है, उतना ही गैर-पंजीकृत लोग इसके खिलाफ हैं।
नकली दवाओं को लेकर भी सरकार पर हमला
अखिलेश यादव इससे पहले दवाओं की कीमत और कथित नकली दवाओं के मामले को लेकर भी सरकार पर निशाना साध चुके हैं। उन्होंने कहा था कि पहले 500 mg की पैरासिटामोल से बुखार ठीक हो जाता था, जबकि अब 650 mg की दवा लेने की जरूरत पड़ती है। उन्होंने दावा किया था कि सरकार के कार्यकाल में करीब 400 करोड़ रुपये की नकली दवाएं पकड़ी गई थीं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि प्रशासन में भ्रष्टाचार एक संस्कृति बन गया है।
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Source: Filmitics

