उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) में बड़े संगठनात्मक बदलाव किए गए हैं। बसपा प्रमुख मायावती ने हाल ही में अपने भतीजे आकाश आन…
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) में बड़े संगठनात्मक बदलाव किए गए हैं। बसपा प्रमुख मायावती ने हाल ही में अपने भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाया था। अब उनके छोटे भाई ईशान आनंद को मुख्य सेक्टर प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
ईशान आनंद को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर अन्य राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह पार्टी की गतिविधियों और संगठन की समीक्षा के बाद सीधे मायावती को रिपोर्ट करेंगे। ईशान को नई जिम्मेदारी मिलने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि मायावती फिलहाल आकाश आनंद को कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने के मूड में नहीं हैं।
हालांकि, पार्टी सूत्रों के मुताबिक 9 सितंबर को दिल्ली में होने वाली बसपा की महत्वपूर्ण बैठक में आकाश आनंद को लेकर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
आगामी विधानसभा चुनावों और पार्टी की रणनीति को लेकर बसपा की 9 सितंबर को दिल्ली में अहम बैठक होने जा रही है। इसमें पार्टी के शीर्ष नेताओं के अलावा विभिन्न राज्यों के प्रमुख पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि बैठक में आकाश आनंद की राजनीतिक भूमिका पर भी चर्चा हो सकती है। पार्टी नेतृत्व यह तय कर सकता है कि उन्हें भविष्य में कोई जिम्मेदारी दी जाए या संगठन से फिलहाल दूर रखा जाए।
मायावती ने ईशान आनंद समेत कई नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का प्रभार अपने पास ही रखा है। इसके पीछे दोनों राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को अहम वजह माना जा रहा है। बसपा का उत्तर प्रदेश में पारंपरिक जनाधार रहा है और उत्तराखंड में भी पार्टी चुनावी तैयारी कर रही है। ऐसे में मायावती दोनों राज्यों के संगठन और चुनावी रणनीति पर सीधे नजर रखना चाहती हैं।
आकाश आनंद के राजनीतिक सफर में संगठनात्मक बदलावों का यह सिलसिला पहली बार नहीं है। मायावती ने 7 मई 2024 को लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें पद से हटाया था। इसके बाद 2 मार्च 2025 को उन्हें पार्टी से निष्कासित किया गया था। अब 3 सितंबर 2026 को मायावती ने उन्हें राष्ट्रीय संयोजक पद से फिर हटा दिया और उनकी कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए। इसके बाद छोटे भाई ईशान आनंद को नई जिम्मेदारी मिलने से आकाश आनंद की संगठन में वापसी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
ईशान आनंद को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी दिए जाने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या मायावती अब पार्टी में युवा नेतृत्व के तौर पर उन्हें आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। हालांकि, 9 सितंबर की बैठक के बाद ही यह साफ होगा कि आकाश आनंद को लेकर पार्टी नेतृत्व का अगला कदम क्या होगा। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बसपा के इन संगठनात्मक बदलावों को मायावती की नई चुनावी रणनीति और संगठन को दोबारा मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
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Source: Filmitics

