बिहार में बाढ़ का संकट जारी है और इसी बीच राहत व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात करने और रा…
बिहार में बाढ़ का संकट जारी है और इसी बीच राहत व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात करने और राहत शिविर में खाना परोसने की तस्वीरों के बाद जन सुराज पार्टी ने सरकार की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं, जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह ने मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बाढ़ राहत व्यवस्था के आंकड़ों को लेकर सरकार से कई सवाल पूछे, पार्टी ने आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य के 13 जिलों में करीब 29.13 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
जन सुराज ने सवाल उठाया कि जब बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या इतनी बड़ी है, तो उनके लिए उपलब्ध राहत व्यवस्था कितनी पर्याप्त है, पार्टी ने सरकार से पूछा कि सरकारी आंकड़ों के अलावा जमीनी स्तर पर लोगों तक राहत कितनी पहुंच रही है।
कुमार सौरभ सिंह ने दावा किया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राज्य में 7 राहत शिविर और 238 कम्युनिटी किचन सेंटर संचालित किए जा रहे हैं, जन सुराज का सवाल है कि करीब 29 लाख प्रभावित लोगों के बीच 238 कम्युनिटी किचन की व्यवस्था कितनी पर्याप्त हो सकती है, पार्टी ने सरकार से राहत शिविरों और कम्युनिटी किचन की क्षमता तथा वहां पहुंचने वाले लोगों की संख्या का स्पष्ट आंकड़ा सामने रखने की मांग की है।
जन सुराज ने भोजन वितरण के आंकड़ों को लेकर भी सवाल उठाया है, पार्टी के मुताबिक विभाग की ओर से अब तक करीब 5.12 लाख थालियों में भोजन कराए जाने की बात कही गई है, पार्टी ने पूछा कि जब लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, तो भोजन वितरण का यह आंकड़ा प्रभावित आबादी और बाढ़ की अवधि के लिहाज से कितना पर्याप्त है, जन सुराज ने कुछ स्थानों पर कम्युनिटी किचन के कागजों पर संचालित होने की शिकायतों का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित सरकारी पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
बाढ़ प्रभावितों के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के राहत शिविर में खाना परोसने की तस्वीर को लेकर भी जन सुराज ने सरकार पर निशाना साधा है, पार्टी ने आरोप लगाया कि राहत शिविर में भोजन परोसने की तस्वीर को प्रचारित कर सरकार अपनी संवेदनशीलता दिखाने की कोशिश कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर राहत व्यवस्था को लेकर कई सवाल अभी भी मौजूद हैं, जन सुराज ने इसी को लेकर तंज कसते हुए कहा “PR फोटो से सवाल नहीं छिपेंगे।”
बिहार में बाढ़ के बीच सामने आए इन आंकड़ों ने राहत व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है, एक तरफ सरकार बाढ़ प्रभावितों तक राहत पहुंचाने का दावा कर रही है, तो दूसरी तरफ जन सुराज उपलब्ध राहत शिविरों, कम्युनिटी किचन और भोजन वितरण के आंकड़ों को अपर्याप्त बताते हुए सवाल उठा रहा है, अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार जन सुराज के इन सवालों का क्या जवाब देती है, क्या 29.13 लाख प्रभावित लोगों के लिए मौजूदा राहत व्यवस्था पर्याप्त है? क्या 238 कम्युनिटी किचन से जरूरतमंदों तक पर्याप्त भोजन पहुंच रहा है? और क्या बाढ़ राहत की जमीनी तस्वीर सरकारी दावों से मेल खाती है? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में बिहार की बाढ़ राहत व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर को और स्पष्ट कर सकते हैं।
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Source: Filmitics

