नई दिल्ली। ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों में पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाली का…
नई दिल्ली। ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों में पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाली कारोबारी प्रथाओं पर रोक लगाने के लिए नियमों में संशोधन किया है। नए नियमों में उत्पादों की कीमतों में हेरफेर, सर्च रिजल्ट को प्रभावित करने, स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग और डार्क पैटर्न जैसी गतिविधियों को लेकर प्रावधान सख्त किए गए हैं।
सरकार के मुताबिक, उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 में किए गए संशोधन का उद्देश्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष खरीदारी का अनुभव उपलब्ध कराना है।
विभाग के मुताबिक, उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2026 में किए गए संशोधन को 1 जनवरी 2027 से लागू किया जाएगा।
नए प्रावधानों के लागू होने के बाद ई-कॉमर्स कंपनियों को उत्पादों की कीमतों और उन्हें सर्च में दिखाए जाने के तरीके को लेकर अधिक पारदर्शिता बरतनी होगी।
संशोधित नियमों के तहत अगर कोई ई-कॉमर्स कंपनी किसी उत्पाद की कीमत में कटौती का दावा करती है, तो उसे कम की गई कीमत के साथ पुरानी कीमत भी स्पष्ट रूप से बतानी होगी।
इसका उद्देश्य ग्राहकों को किसी उत्पाद पर दी जा रही वास्तविक छूट की जानकारी देना है। इससे उपभोक्ता यह समझ सकेंगे कि कीमत में वास्तव में कितनी कमी की गई है।
सरकार ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सर्च रिजल्ट में हेरफेर को लेकर भी नियम सख्त किए हैं।
नए नियमों के तहत ऐसे तरीके अपनाने पर रोक होगी, जिनसे यूजर को गुमराह किया जा सकता है या किसी प्रासंगिक सर्च के परिणाम को अनुचित तरीके से प्रभावित किया जाता है।
यानी अगर कोई उपभोक्ता किसी खास उत्पाद की तलाश कर रहा है, तो ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को सर्च रिजल्ट को इस तरह प्रभावित करने से बचना होगा, जिससे ग्राहक को गलत या भ्रामक जानकारी मिले।
नए नियमों में स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग को लेकर भी पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
अगर किसी उत्पाद को भुगतान या किसी व्यावसायिक व्यवस्था के तहत दूसरे उत्पादों की तुलना में प्रमुखता से दिखाया जाता है, तो उसकी स्पॉन्सर्ड पहचान स्पष्ट और प्रमुख रूप से बतानी होगी।
इससे उपभोक्ताओं को यह समझने में मदद मिलेगी कि कोई उत्पाद उसकी वास्तविक प्रासंगिकता के कारण ऊपर दिख रहा है या उसे भुगतान के आधार पर प्राथमिकता दी गई है।
ई-कॉमर्स नियमों में डार्क पैटर्न से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया है। डार्क पैटर्न ऐसे डिजाइन या तरीकों को कहा जाता है, जिनके जरिए यूजर के फैसले को प्रभावित या गुमराह करने की कोशिश की जा सकती है।
सरकार के संशोधित नियमों का उद्देश्य ऐसी प्रथाओं पर नियंत्रण बढ़ाना और ऑनलाइन खरीदारी के दौरान उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।
सरकार के इस कदम से ई-कॉमर्स कंपनियों को कीमतों, सर्च रिजल्ट और प्रमोटेड उत्पादों की जानकारी को अधिक पारदर्शी तरीके से प्रदर्शित करना होगा।
नए नियमों के लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को यह समझने में आसानी होगी कि उन्हें दिखाई जा रही कीमत वास्तविक छूट के बाद की कीमत है या नहीं और सर्च रिजल्ट में किसी उत्पाद को व्यावसायिक कारणों से प्राथमिकता दी गई है या नहीं।
ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन के बीच उपभोक्ताओं के लिए कीमत और उत्पाद की जानकारी में पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है। संशोधित नियमों का मकसद यही है कि ग्राहक को उत्पाद खरीदते समय कीमत, छूट, सर्च रिजल्ट और स्पॉन्सर्ड कंटेंट के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके।
सरकार की इस पहल से ई-कॉमर्स कंपनियों की जवाबदेही बढ़ने और ऑनलाइन बाजार में उपभोक्ता हितों को मजबूत करने की उम्मीद है।
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Source: Filmitics







