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क्या रोज़ नारियल पानी पीना सुरक्षित है? किन लोगों को नहीं पीना चाहिए?

September 13, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

नारियल की प्राकृतिक मिठास बच्चों से लेकर बड़ों तक को पसंद आती है. डॉक्टर भी नारियल पानी को सेहत के लिए अमृत जैसा मानते हैं. इसके बावजूद स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेता…

मौसम कोई भी हो, शरीर में पानी की कमी जल्दी पूरी करने के लिए ज़्यादातर लोग नारियल पानी पीना पसंद करते हैं. बीमारी के दौरान भी नारियल पानी कई लोगों की पहली पसंद होता है

आजकल बोतल में भी ‘फ़्रेश कोकोनट वॉटर’ मिलने लगा है

नारियल की प्राकृतिक मिठास बच्चों से लेकर बड़ों तक को पसंद आती है. डॉक्टर भी नारियल पानी को सेहत के लिए अमृत जैसा मानते हैं. इसके बावजूद स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि कुछ लोगों को नारियल पानी नहीं पीना चाहिए

नारियल पानी से सेहत को क्या-क्या फ़ायदे होते हैं? किन लोगों को इसे बिल्कुल नहीं पीना चाहिए? इस लेख में इन्हीं ज़रूरी बातों को समझते हैं

भारत में बड़े पैमाने पर नारियल की खेती होती है. दक्षिण भारत में इसकी खेती ख़ास तौर पर ज़्यादा होती है. केंद्र सरकार के मुताबिक़, दुनिया के कुल नारियल उत्पादन में भारत पहले स्थान पर है. देश में एक करोड़ किसानों सहित कुल तीन करोड़ लोगों की रोज़ी-रोटी इस काम पर निर्भर है

डायटीशियन रेशमा अलीम के मुताबिक़, नारियल पानी प्रकृति से मिला एक प्राकृतिक ‘इलेक्ट्रोलाइट’ है. इलेक्ट्रोलाइट ऐसे खनिज होते हैं, जो शरीर में पानी और दूसरे ज़रूरी तत्वों का संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं. वह बताती हैं कि दूसरे फलों के जूस के मुक़ाबले नारियल पानी में कैलोरी भी बहुत कम होती है

नारियल पानी में भरपूर मात्रा में पोटैशियम होता है और चीनी बहुत कम होती है. एक इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक में जो गुण होने चाहिए, वे नारियल पानी में प्राकृतिक रूप से मौजूद होते हैं

“यह पानी शरीर को तरोताज़ा रखता है और डीहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता. इसलिए किसी भी दूसरे पेय की जगह नारियल पानी चुनना, किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए बहुत अच्छा हो सकता है.”

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रेशमा अलीम बताती हैं, “कुछ इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स में पोटैशियम और नमक की मात्रा ज़्यादा होती है. ऐसे ड्रिंक्स केवल उन लोगों के लिए फ़ायदेमंद होते हैं, जो बहुत ज़्यादा शारीरिक मेहनत करते हैं. इसलिए हर व्यक्ति को ऐसे इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स की ज़रूरत नहीं होती.”

हरे और सूखे नारियल के पानी में क्या अंतर होता है

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नारियल पानी में पोटैशियम, सोडियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, ज़िंक और आयरन जैसे कई ज़रूरी तत्व होते हैं. इनमें पोटैशियम की मात्रा सबसे ज़्यादा होती है. अमेरिका के कृषि विभाग के मुताबिक़, हर 100 ग्राम नारियल पानी में करीब 250 मिलीग्राम पोटैशियम और 100 मिलीग्राम सोडियम होता है

अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक़, नारियल पानी में करीब 95.5 प्रतिशत पानी, 0.1 प्रतिशत फ़ैट्स, चार प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट्स, 0.02 प्रतिशत कैल्शियम और 0.01 प्रतिशत फ़ॉस्फ़ोरस होता है

इसके अलावा नारियल पानी में कुछ एमिनो एसिड, विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स, विटामिन सी और ज़रूरी खनिज भी भरपूर मात्रा में मिलते हैं. अध्ययन के मुताबिक़, इसमें पौधों से मिलने वाले कई फ़ायदेमंद पोषक तत्व भी प्राकृतिक रूप से मौजूद होते हैं

अध्ययन में बताया गया है कि नारियल जैसे-जैसे सूखता जाता है, उसके अंदर मौजूद पानी की मात्रा कम होती जाती है. उस पानी में मौजूद रासायनिक तत्वों में भी बदलाव होने लगता है. पानी में घुले ठोस पदार्थों, खनिजों और दूसरे तत्वों की मात्रा कम होने लगती है. इसके उलट फ़ैट्स और प्रोटीन की मात्रा बढ़ने लगती है

नारियल पानी पीते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

इसमें कार्बोहाइड्रेट्स भी बहुत कम होते हैं. इसलिए खिलाड़ियों के लिए और शरीर में पानी की मात्रा दोबारा सामान्य करने के लिए इसे सबसे अच्छा प्राकृतिक स्पोर्ट्स ड्रिंक माना जाता है

एक रिसर्च के मुताबिक़, सही मात्रा में नारियल पानी पीने से शरीर में कम हुए ज़रूरी पोषक तत्वों की कमी पूरी करने में काफ़ी मदद मिलती है

क्या कसरत करने वालों के लिए सिर्फ़ नारियल पानी काफ़ी है

रेशमा अलीम बताती हैं कि मैराथन दौड़ने या जिम में बहुत ज़्यादा कसरत करने वाले लोगों के शरीर से पोषक तत्व तेज़ी से कम होते हैं

वह कहती हैं, “ऐसे लोगों को पोटैशियम जैसे पोषक तत्वों की ज़्यादा ज़रूरत होती है. इसलिए इन खनिजों की मात्रा बनाए रखने में मदद करने वाले ख़ास स्पोर्ट्स ड्रिंक्स पीना ज़रूरी होता है.”

“नारियल पानी शरीर के लिए बहुत पौष्टिक है. इसके बावजूद बहुत ज़्यादा कसरत करने वाले लोगों के लिए सिर्फ़ नारियल पानी काफ़ी नहीं हो सकता.”

“इसलिए अपनी कसरत की तीव्रता और शरीर की ज़रूरत को समझना चाहिए. इसके बाद नारियल पानी के साथ दूसरे पौष्टिक पेय भी अपने खानपान में शामिल करने चाहिए.”

क्या नारियल पानी में चीनी की मात्रा ज़्यादा होती है

रेशमा अलीम बताती हैं कि नारियल पानी में प्राकृतिक मिठास होती है. लेकिन यह चीनी बाज़ार में मिलने वाली चीज़ों में ऊपर से मिलाई जाने वाली चीनी से बिल्कुल अलग होती है

वह कहती हैं, “नारियल पानी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है. ग्लाइसेमिक इंडेक्स से पता चलता है कि कोई चीज़ खाने या पीने के बाद ख़ून में शुगर कितनी तेज़ी से बढ़ेगी. इसलिए नारियल पानी पीने से ख़ून में शुगर अचानक बढ़ने की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है.”

रेशमा अलीम बताती हैं, “नारियल पानी के कई प्रकार होते हैं. नारियल के गुणों के आधार पर, बिना ऊपर से चीनी मिलाए 240 मिलीलीटर नारियल पानी में आम तौर पर नौ से 10 ग्राम चीनी होती है.”

ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि डायबिटीज़ वाले लोगों को नारियल पानी पीना चाहिए या नहीं

डायबिटीज़ वालों के लिए सही क्या है

इस बारे में रेशमा अलीम कहती हैं, “ऐसा कोई नियम नहीं है कि डायबिटीज़ वाले लोगों को चीनी बिल्कुल नहीं खानी चाहिए. वे अपने खानपान में पांच प्रतिशत तक चीनी ले सकते हैं.”

“लेकिन चीनी की मात्रा पर नियंत्रण रखना बहुत ज़रूरी है. डायबिटीज़ के मरीज़ एक बार में करीब 100 मिलीलीटर तक नारियल पानी पी सकते हैं. हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करता है कि हर व्यक्ति के ख़ून में शुगर की मात्रा कितनी है.”

“जिन लोगों की शुगर लगातार बहुत ज़्यादा रहती है, उनके लिए नारियल पानी न पीना ही बेहतर होगा.”

क्या नारियल पानी रोज़ पीना चाहिए? किन लोगों को इसे नहीं पीना चाहिए

एक रिसर्च के मुताबिक़, डायबिटीज़ के मरीज़ों, किडनी की बीमारी वाले लोगों और पोटैशियम बढ़ाने वाली दवाएं लेने वालों को ‘हाइपरकलेमिया’ होने का बड़ा ख़तरा होता है. हाइपरकलेमिया का मतलब है ख़ून में पोटैशियम की मात्रा अचानक बहुत ज़्यादा बढ़ जाना. इसलिए ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए

रेशमा अलीम साफ़ करती हैं कि ऐसे लोगों को बहुत ज़्यादा नारियल पानी पीने से सख़्ती से बचना चाहिए

वह आगे कहती हैं, “जिन लोगों की सेहत पूरी तरह ठीक है, वे रोज़ सही मात्रा में नारियल पानी पी सकते हैं.”

“लेकिन जिन लोगों को लंबे समय से किडनी की बीमारी है, दिल से जुड़ी परेशानी है या जिनकी दवाओं की वजह से शरीर में पोटैशियम बढ़ने की आशंका है, उन्हें नारियल पानी बिल्कुल नहीं पीना चाहिए.”

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नारियल पानी और नारियल के दूध में मौजूद पोषक तत्वों में क्या अंतर है

दक्षिण भारत में लंबे समय से खाने के साथ नारियल का दूध पीने या खाना बनाने में इसका इस्तेमाल करने की परंपरा है. कोंकण में भी नारियल के दूध से बनने वाली सोलकढ़ी बहुत से लोगों को पसंद है

हालांकि, नारियल पानी और नारियल के दूध में पोषण के लिहाज़ से बड़ा अंतर होता है. कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है. ‘हेल्थलाइन’ नाम की स्वास्थ्य पत्रिका के मुताबिक़, नारियल के दूध में कैलोरी, कार्बोहाइड्रेट्स और फ़ैट्स की मात्रा नारियल पानी के मुक़ाबले कई गुना ज़्यादा होती है

“दोनों में बुनियादी अंतर है. नारियल पानी मुख्य रूप से पानी ही होता है. इसलिए इसमें प्रोटीन और फ़ैट्स बहुत कम होते हैं.”

रेशमा अलीम कहती हैं, “लेकिन नारियल का दूध इससे बिल्कुल अलग होता है. इसमें प्रोटीन, फ़ैट्स और कैलोरी की मात्रा ज़्यादा होती है. इसलिए बहुत ज़्यादा नारियल के दूध का सेवन करने से बचना चाहिए.”

क्या ताज़ा और पैक किए गए नारियल पानी के पोषक तत्वों में अंतर होता है

रेशमा अलीम कहती हैं कि जब किसी पेय को प्रोसेस करके पैक किया जाता है, तो उसमें मौजूद प्राकृतिक पोटैशियम का बड़ा हिस्सा नष्ट हो जाता है. उसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उसमें दूसरे तत्व मिलाए जाते हैं

वह कहती हैं, “इस तरह पैक किया गया नारियल पानी केवल फ़्लेवर वाला एक कृत्रिम पेय बन जाता है. इससे उसके मूल पोषक तत्वों में बड़ा बदलाव आ जाता है. इसे ख़रीदते समय पैकेट पर लिखी सामग्री हमेशा पढ़नी चाहिए.”

(यह लेख केवल जानकारी के लिए है. सेहत से जुड़ी कोई परेशानी हो तो अपने डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह लें.)

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Source: BBC News हिन्दी

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