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September 18, 2026
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मायावती का सरकार पर निशाना, UPI शुल्क से लेकर स्मार्ट स्कूल योजना तक उठाए सवाल –

September 18, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

लखनऊ। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने UPI लेनदेन पर प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था और उत्तर प्रदेश सरकार की स्मार्ट स्कूल योजना को लेकर सवाल उठाए हैं। मायावती…

लखनऊ। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने UPI लेनदेन पर प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था और उत्तर प्रदेश सरकार की स्मार्ट स्कूल योजना को लेकर सवाल उठाए हैं। मायावती ने कहा कि पहले डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बाद अब लेनदेन पर शुल्क की व्यवस्था से आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका है।मायावती ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि देश की बड़ी आबादी पहले से ही महंगाई और आर्थिक परेशानियों से जूझ रही है। ऐसे में सरकार को ऐसी नीतियों पर ध्यान देना चाहिए, जिनसे जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

उन्होंने कहा कि शुल्क को किसी भी नाम से लागू किया जाए, यदि उसका भार आम उपभोक्ता पर पड़ता है तो इसका सीधा असर उसकी जेब पर होगा।बसपा प्रमुख ने सरकार की नीतियों में जनकल्याण को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के सामने महंगाई, रोजगार और शिक्षा जैसी कई चुनौतियां हैं। ऐसे समय में सरकार की योजनाओं का उद्देश्य लोगों की परेशानियां कम करना होना चाहिए।मायावती ने उत्तर प्रदेश में करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से हजारों सरकारी स्कूलों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना पर भी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और स्मार्ट क्लासरूम जरूरी हैं, लेकिन सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।उन्होंने स्कूलों में भवन की स्थिति, बच्चों के लिए पर्याप्त बेंच-कुर्सी, किताबें, शौचालय, खेल मैदान और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता देने की जरूरत बताई। मायावती ने यह भी सवाल उठाया कि प्रति स्कूल सीमित बजट में स्मार्ट सुविधाओं के साथ इन सभी मूलभूत जरूरतों को किस हद तक पूरा किया जा सकेगा।मायावती ने कहा कि बच्चों को तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उनके लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना भी जरूरी है। उन्होंने सरकार से स्मार्ट स्कूल योजना को लागू करते समय स्कूलों की वास्तविक जरूरतों और उपलब्ध बजट का व्यावहारिक आकलन करने की अपील की। मायावती ने एक ही बयान में डिजिटल लेनदेन पर शुल्क और सरकारी स्कूलों की सुविधाओं को आम जनता से जुड़े मुद्दों के तौर पर उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं।

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Source: Filmitics

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