लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सेवा, सुशासन, जनकल्याण और विकास से जुड़ी योजनाओं एवं उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने के लिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू किया जा रहा है। मु…
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सेवा, सुशासन, जनकल्याण और विकास से जुड़ी योजनाओं एवं उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने के लिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। एक महीने के इस अभियान में सरकारी योजनाओं से लाभान्वित नागरिकों की सफलता की कहानियों को सामने लाने के साथ लोगों को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक संकल्प से जोड़ने की योजना है।
अभियान के प्रभारी एवं उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के मार्गदर्शन में शासन से लेकर जनपद स्तर तक त्रिस्तरीय समन्वय व्यवस्था बनाई गई है।
सेवा संकल्प अभियान में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों का त्रिस्तरीय डेटा बैंक तैयार करने की योजना है। अभियान के तहत कुल 4.19 करोड़ परिवारों और 15.74 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान में केंद्र सरकार के 12 वर्षों और राज्य सरकार के 10 वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों से आए बदलावों को भी विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए प्रस्तुत करने पर जोर रहेगा।
सेवा संकल्प अभियान को 12 प्रमुख कार्यक्रमों के जरिए संचालित किया जाएगा। इनमें शामिल हैं:
अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को ‘सेवा दिवस-आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। शाम सात बजे घरों और प्रतिष्ठानों पर दीप प्रज्वलित कर लोगों से सेवा और विकसित भारत के संकल्प से जुड़ने का आह्वान किया जाएगा।
इसी दिन अस्पतालों में फल वितरण, रक्तदान शिविर, विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर टूलकिट वितरण तथा चयनित विकास एवं अवस्थापना परियोजना स्थलों पर दीप प्रज्वलन जैसे कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।
‘मेरे सपनों का भारत: चित्र सेवा’ कार्यक्रम के तहत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक विद्यालयों में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
कक्षा 5 से 8 के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता, जबकि कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। उच्च शिक्षण संस्थानों में चित्रकला, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
जिला स्तरीय प्रदर्शनी के बाद 7 अक्टूबर को राज्य स्तरीय प्रदर्शनी प्रस्तावित है। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री के डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण-पत्र और पुरस्कार दिए जाएंगे।
‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जनपद में 18 से 20 कलाकारों की सांस्कृतिक टोलियां गठित की जाएंगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सात कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
ग्राम पंचायतों, सामुदायिक केंद्रों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर 25 से 30 मिनट की प्रस्तुतियों के जरिए जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास से जुड़ी कहानियां लोगों तक पहुंचाने की योजना है।
वहीं ‘सेवा की कहानी’ डिजिटल एवं रील अभियान के तहत 25 लाख लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव पर 60 सेकंड की रील्स तैयार करने का लक्ष्य है।
इनमें आवास, विद्यालय, पंचायत भवन, पुस्तकालय, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इनलैंड पोर्ट, मेट्रो, आरआरटीएस और विश्वविद्यालयों से जुड़ी विकास कहानियां प्रदर्शित की जाएंगी।
25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर तीन दिवसीय उत्सव और संवाद कार्यक्रम प्रस्तावित है।
इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा दीदियों और उत्कृष्ट लाभार्थी माताओं को सम्मानित किया जाएगा। पोषण, स्वास्थ्य और महिला कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ हेल्दी बेबी शो आयोजित होंगे।
बच्चों को कॉमिक बुक्स, खिलौने, फल-मिठाई, अतिरिक्त पोषाहार और अन्य सामग्री वितरित किए जाने की भी योजना है।
7 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा-विकसित भारत का संकल्प’ आयोजित होगी। प्रमुख चौराहों पर सेवा कलश स्थापित किए जाएंगे। इसके बाद पैदल, साइकिल और बाइक रैलियों के माध्यम से नागरिक मुख्य आयोजन स्थल तक पहुंचेंगे।
इसी क्रम में ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’ के तहत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश की 10 नदियों का जल लेकर 10 टोलियां काशी से वडनगर, गुजरात जाएंगी।
यात्रा के दौरान पड़ने वाले जनपदों में चौपाल, जनसंवाद और विकास यात्रा पर आधारित फिल्म प्रदर्शन भी प्रस्तावित हैं।
‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत नागरिक 25 अलग-अलग सेवा गतिविधियों में से किसी एक से जुड़ सकेंगे। इनमें:
अभियान के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम दो स्थलों के कायाकल्प का लक्ष्य भी रखा गया है।
‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत विकासखंड और नगरीय निकाय स्तर पर पांच से सात दिवसीय बहुउद्देशीय शिविर लगाए जाएंगे।
इन शिविरों में एक ही स्थान पर सरकारी योजनाओं की जानकारी, पात्र नागरिकों के आवेदन, पात्रता सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया उपलब्ध कराने की योजना है।
इसके साथ स्वास्थ्य मेले, प्रत्येक विधानसभा में दिव्यांग कल्याण शिविर और मतदाता पंजीकरण से जुड़े कार्यक्रमों पर भी जोर रहेगा।
‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के जरिए युवाओं की राष्ट्रीय स्तर के इनोवेशन चैलेंज में भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना है।
विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों में ओरिएंटेशन और मोटिवेशन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
एक महीने तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान का समापन 17 अक्टूबर को ‘सुशासन सेवा संवाद’ के साथ प्रस्तावित है।
इस दौरान ग्राम प्रधान, सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधि सेवा एवं सुशासन के 25 वर्षों के अवसर पर प्रधानमंत्री का सम्मान करेंगे और ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प लेंगे।
लगभग 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों द्वारा संकल्प और वंदे मातरम् गायन की योजना है।
इसके अलावा ऐतिहासिक स्मारकों और पर्यटन स्थलों पर विकास यात्रा को प्रदर्शित करने वाले लेजर शो तथा प्रमुख तीर्थस्थलों और शक्तिपीठों में महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान प्रस्तावित किए गए हैं।
सेवा संकल्प अभियान के प्रस्तावित कार्यक्रमों में सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंच, जनभागीदारी, सेवा गतिविधियां, युवा सहभागिता और विकास कार्यों की जानकारी को प्रमुखता दी गई है। अभियान के दौरान लाभार्थियों की सफलता की कहानियों और विभिन्न सेवा गतिविधियों को अलग-अलग माध्यमों से लोगों तक पहुंचाने की योजना है।
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Source: Filmitics







