Skip to content
September 20, 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
मां को गालियां दीं, लेकिन मैं उन्हें माफ करता हूं… जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पीएम मोदी की देश से बड़ी अपील, राष्ट्रपति ने पेपर लीक कानून संशोधन को दी मंजूरी, राज्यों में फास्ट ट्रैक अदालतों का रास्ता साफ *RBI का नया नियम : अब बैंकों को अपनी सभी शाखाओं में जमा पर देना होगा एकसमान ब्याज, चाहे सरकारी हो या प्राइवेट… अब चढ़ावा आठ सदस्यीय निगरानी टीम के हवाले, नई व्यवस्था 25 जुलाई से लागू विदिशा ट्रस्ट ने ‘वाइब्रेंट विदिशा’ के 15वें संस्करण का आयोजन किया; लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र स्थित हुसड़िया चौराहे के पास एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल कम डालने के आरोप को लेकर विवाद हिंसक हो गया। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र में मोहर्रम का जुलूस देख रहे एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते चाकू से हमला किया गया। विश्व योग दिवस पर प्रेरणा वाटिका पार्क में हुआ भव्य योग कार्यक्रम।
anya

कुंदरकी में 2027 का बड़ा सवाल! 2022 में सपा की बड़ी जीत, 2024 उपचुनाव में BJP की बंपर बाजी,अब क्या होगा? –

September 20, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

Kundarki Assembly Election 2027: मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट नंबर 29 पिछले कुछ चुनावों में तेजी से बदलती राजनीतिक तस्वीर की वजह से चर्चा में रही है। 2022…

Kundarki Assembly Election 2027: मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट नंबर 29 पिछले कुछ चुनावों में तेजी से बदलती राजनीतिक तस्वीर की वजह से चर्चा में रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने बड़ी बढ़त के साथ जीत दर्ज की, जबकि 2024 के विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बेहद बड़े अंतर से सीट अपने नाम कर ली। अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उपचुनाव में दिखाई दिया राजनीतिक बदलाव आगे भी कायम रहता है या सामान्य विधानसभा चुनाव में समीकरण फिर अलग तस्वीर पेश करते हैं।

2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के जियाउर्रहमान ने कुंदरकी सीट से जीत दर्ज की थी। उन्हें 1,25,792 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के कमल कुमार को 82,630 वोट मिले। बसपा के उम्मीदवार को 42,742 और AIMIM उम्मीदवार को 14,251 वोट मिले थे।इस तरह सपा और भाजपा के बीच जीत का अंतर 43,162 वोट रहा। यह परिणाम कुंदरकी में उस समय सपा की मजबूत चुनावी स्थिति को दर्शाता था।

इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में भी कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र के आंकड़ों में समाजवादी पार्टी को बढ़त मिली। यहां सपा के जियाउर्रहमान को 1,43,415 वोट मिले, जबकि भाजपा के परमेश्वर लाल सैनी को 86,371 वोट मिले। बसपा को 31,400 वोट मिले।

इस हिसाब से कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में सपा की बढ़त 57,044 वोट रही। हालांकि लोकसभा और विधानसभा चुनाव अलग-अलग परिस्थितियों में होते हैं, इसलिए लोकसभा क्षेत्र के आंकड़ों को सीधे विधानसभा चुनाव का परिणाम मानना उचित नहीं होगा।

2024 में विधानसभा उपचुनाव ने कुंदरकी के राजनीतिक आंकड़ों में बड़ा बदलाव दिखाया। भाजपा के रामवीर सिंह को 1,70,371 वोट मिले, जबकि समाजवादी पार्टी के मोहम्मद रिजवान को 25,580 वोट मिले। आजाद समाज पार्टी के चांद बाबू को 14,201 वोट मिले।

भाजपा और सपा के बीच वोटों का अंतर 1,44,791 रहा। यानी 2022 में जिस सीट पर सपा ने 43 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी, उसी सीट पर 2024 के उपचुनाव में भाजपा ने इससे कई गुना बड़े अंतर से जीत हासिल की।

अब 2027 में कुंदरकी का चुनाव कई सवालों के बीच होगा। सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह होगा कि 2024 के उपचुनाव में बना राजनीतिक रुझान सामान्य विधानसभा चुनाव में भी दिखाई देता है या नहीं।

कुंदरकी की सामाजिक संरचना को लेकर अक्सर मुस्लिम, OBC, दलित और सवर्ण मतदाताओं के रुझान की चर्चा होती है। लेकिन किसी समुदाय के वोट को एकतरफा या निश्चित मानना सही नहीं होगा। जातीय आंकड़ों के अनुमान भी आधिकारिक मतदान आंकड़े नहीं होते। उम्मीदवार, स्थानीय मुद्दे, पार्टी संगठन, चुनावी गठबंधन और मतदान प्रतिशत जैसे कई कारक चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं।

कुंदरकी में मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी मौजूदगी चुनावी चर्चा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहती है। ऐसे में 2027 में मुस्लिम वोटों का रुझान और विभिन्न दलों के बीच संभावित बंटवारा एक अहम चुनावी फैक्टर हो सकता है।इसके साथ ही OBC और दलित मतदाताओं का रुख भी महत्वपूर्ण रहेगा। भाजपा, सपा, बसपा और अन्य दलों की रणनीति इन सामाजिक समूहों तक अपनी पहुंच और समर्थन बढ़ाने पर केंद्रित हो सकती है।हालांकि अभी 2027 के उम्मीदवार, गठबंधन और स्थानीय चुनावी परिस्थितियां पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। इसलिए मौजूदा आंकड़ों के आधार पर किसी दल की जीत या हार का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

कुंदरकी के पिछले तीन प्रमुख चुनावी आंकड़े एक दिलचस्प तस्वीर दिखाते हैं। 2022 में सपा की बड़ी जीत, 2024 लोकसभा चुनाव में कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में सपा की बढ़त और उसी वर्ष हुए विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक बढ़त—इन तीनों परिणामों के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है।अब 2027 में यही आंकड़े राजनीतिक विश्लेषण का आधार बनेंगे। सवाल यह नहीं कि पिछला चुनाव किसके पक्ष में गया, बल्कि यह है कि अगले विधानसभा चुनाव में मतदाताओं के मुद्दे, उम्मीदवारों की स्वीकार्यता, संगठनात्मक ताकत और सामाजिक समीकरण किस दिशा में जाते हैं।यानी कुंदरकी में 2027 की कहानी अभी खुली हुई है। 2024 का उपचुनाव निश्चित रूप से सीट की राजनीतिक तस्वीर में बड़ा बदलाव दिखाता है, लेकिन सामान्य विधानसभा चुनाव तक परिस्थितियां बदल सकती हैं। इसलिए 2027 में कुंदरकी पर नजर सिर्फ नतीजे पर नहीं, बल्कि वोटों के रुझान और सामाजिक-राजनीतिक समीकरणों में होने वाले बदलाव पर भी रहेगी।

रश्मि सिंह एक अनुभवी पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें हिंदी पत्रकारिता, न्यूज़ रिपोर्टिंग और डिजिटल मीडिया का व्यापक अनुभव है। उन्होंने मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है और अपने पत्रकारिता करियर में कई बड़े मीडिया संस्थानों और न्यूज़ चैनलों के साथ काम किया है।राजनीति, जनसरोकार, उत्तर प्रदेश की सियासत और समसामयिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है। खबरों को सरल, तथ्यपरक और पाठकों के लिए रोचक अंदाज में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है। डिजिटल पत्रकारिता के बदलते दौर में रश्मि सिंह का प्रयास है कि पाठकों तक तेज, विश्वसनीय और आसान भाषा में तथ्य आधारित खबरें पहुंचें।

div

Source: Filmitics

शेयर करें:

संबंधित खबरें

और खबरें

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *