Skip to content
September 22, 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
मां को गालियां दीं, लेकिन मैं उन्हें माफ करता हूं… जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पीएम मोदी की देश से बड़ी अपील, राष्ट्रपति ने पेपर लीक कानून संशोधन को दी मंजूरी, राज्यों में फास्ट ट्रैक अदालतों का रास्ता साफ *RBI का नया नियम : अब बैंकों को अपनी सभी शाखाओं में जमा पर देना होगा एकसमान ब्याज, चाहे सरकारी हो या प्राइवेट… अब चढ़ावा आठ सदस्यीय निगरानी टीम के हवाले, नई व्यवस्था 25 जुलाई से लागू विदिशा ट्रस्ट ने ‘वाइब्रेंट विदिशा’ के 15वें संस्करण का आयोजन किया; लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र स्थित हुसड़िया चौराहे के पास एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल कम डालने के आरोप को लेकर विवाद हिंसक हो गया। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र में मोहर्रम का जुलूस देख रहे एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते चाकू से हमला किया गया। विश्व योग दिवस पर प्रेरणा वाटिका पार्क में हुआ भव्य योग कार्यक्रम।
desh

ध्यान के लिए सबसे उत्तम है पद्मासन, जानिए इसके चमत्कारी फायदे और करने का सही तरीका

September 22, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और मानसिक अशांति आम समस्या बन गई है। ऐसे में योग शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मन को शांत करने म…

नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और मानसिक अशांति आम समस्या बन गई है। ऐसे में योग शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मन को शांत करने में भी मदद करता है। पद्मासन योग का एक प्रमुख आसन माना जाता है, जिसे ध्यान और मानसिक एकाग्रता के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है। इस आसन में बैठने से शरीर स्थिर रहता है और मन को शांत करने में मदद मिलती है

इस आसन का नाम संस्कृत के दो शब्दों पद्म यानी कमल और आसन यानी बैठने की मुद्रा से मिलकर बना है। इस आसन में बैठने पर व्यक्ति की मुद्रा खिले हुए कमल के फूल जैसी प्रतीत होती है, इसलिए इसे पद्मासन कहा जाता है। ध्यान और प्राणायम के लिए इस आसन को बेहद आसान माना जाता है

प्राचीन काल से ही ऋषि-मुनि मन की एकाग्रता, शांति और आत्मिक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए इसी आसन में बैठकर साधना करते थे। आज के तनावपूर्ण जीवन में भी यदि आप मानसिक शांति और शारीरिक स्थिरता चाहते हैं, तो पद्मासन का अभ्यास आपके लिए बेहद लाभकारी हो सकता है

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, पद्मासन एक अत्यंत स्थिर, सुखदायक और आधारभूत ध्यानात्मक मुद्रा है। यह आसन मन को शांत करने, एकाग्रता बढ़ाने और आंतरिक ऊर्जा को जागृत करने में विशेष रूप से प्रभावी माना गया है

यह आसन पेट के अंगों को उत्तेजित करता है, जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और कब्ज जैसी समस्याएं दूर होती हैं। यह आसन रीढ़ को सीधा रखता है, जिससे पीठ दर्द और गलत मुद्रा में बैठकर काम करने से होने वाली कई समस्याओं में सुधार होता है

साथ ही यह कूल्हों, घुटनों और टखनों को लचीला बनाता है, जिससे गठिया की वजह से होने वाले दर्द में राहत मिलती है। यही नहीं, यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है, जिससे थकान कम होती है और शरीर की एनर्जी बढ़ती है

यदि शुरुआत में इस आसन को करने के दौरान दोनों पैरों को जांघों पर रखना कठिन हो, तो जबरदस्ती न करें। इसकी जगह आप अर्ध-पद्मासन का अभ्यास कर सकते हैं, जिसमें केवल एक पैर को जांघ पर रखा जाता है। साथ ही, जिन्हें घुटनों में तेज दर्द, टखने की गंभीर चोट या साइटिका की गंभीर समस्या हो, उन्हें इस आसन को करने से बचना चाहिए

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी

div

Source: NewsNationTV

शेयर करें:

संबंधित खबरें

और खबरें

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *