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‘मतदाताओं के मन में किसी तरह की आशंका या भ्रम दूर करना जरूरी’, NDA सहयोगियों ने चुनाव आयोग से मांगी सफाई

September 25, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े हालिया विवादों के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों ने चुनाव आयोग से स्थिति को स्पष्ट करने की मांग क…

चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े हालिया विवादों के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों ने चुनाव आयोग से स्थिति को स्पष्ट करने की मांग की है. सहयोगी दलों का कहना है कि चुनाव से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर आम मतदाताओं के बीच किसी तरह का भ्रम नहीं रहना चाहिए और आयोग को तथ्यों के साथ स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए

NDA नेताओं की ओर से यह मांग ऐसे समय उठाई गई है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), नामों के जुड़ने-कटने और चुनावी प्रक्रिया से संबंधित अलग-अलग दावों को लेकर राजनीतिक बहस तेज है. मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर पहले भी अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं. सहयोगी दलों का तर्क है कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी ओर से जारी होने वाली जानकारी मतदाताओं के लिए अंतिम और स्पष्ट संदर्भ होनी चाहिए. उनका कहना है कि अलग-अलग राजनीतिक दावों के कारण यदि मतदाताओं के मन में किसी तरह की आशंका या भ्रम पैदा होता है तो आयोग को समय रहते उसका स्पष्टीकरण देना चाहिए

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर बिहार से शुरू हुई बहस बाद में दूसरे राज्यों तक पहुंची. इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना है. हालांकि, प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों, नामों के सत्यापन और सूची में नाम शामिल होने जैसे मुद्दों पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं

चुनाव आयोग पहले भी चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी गलत सूचनाओं और भ्रम को दूर करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करता रहा है. आयोग के अनुसार,फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं की पहचान तथा उनके जवाब के लिए राज्यों और जिलों में व्यवस्था की गई है

NDA सहयोगियों का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए पारदर्शी संवाद जरूरी है. उनका जोर इस बात पर है कि आयोग की ओर से आने वाली जानकारी स्पष्ट, आधिकारिक और आसानी से समझ में आने वाली हो. वहीं, विपक्षी दल मतदाता सूची और SIR से जुड़े मुद्दों पर पहले से ही चुनाव आयोग से सवाल करते रहे हैं. ऐसे में NDA सहयोगियों की ओर से भी आयोग से स्पष्टीकरण की मांग सामने आना इस मुद्दे को राजनीतिक और संस्थागत दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण बनाता है. अब निगाहें इस बात पर हैं कि चुनाव आयोग इन सवालों पर क्या आधिकारिक स्पष्टीकरण देता है

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, “मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि सरकार के सदस्य के रूप में मेरा इरादा किसी संवैधानिक संस्था का बचाव करने का नहीं है. विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों से भी मुझे कोई खास चिंता नहीं है. विपक्ष हमेशा वही रुख अपनाएगा जो उसके लिए राजनीतिक रूप से उपयुक्त हो. हालांकि, अगर लोगों का चुनावी व्यवस्था पर से भरोसा कम होने लगे तो यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं होगा. इसलिए, मेरा मानना है कि चुनाव आयोग को और अधिक सशक्त तरीके से स्पष्टीकरण देना चाहिए. उसे राहुल गांधी और उनके सहयोगियों के बयानों का जवाब देने की जरूरत नहीं है, बल्कि लोगों के मन में मौजूद गलतफहमियों को दूर करना चाहिए

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Source: NewsNation TV

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