आजमगढ़ में पुलिस की संवेदनशील पहल, अनाथ बच्चियों के भविष्य के लिए पुलिसकर्मी देंगे वेतन आजमगढ़ में दो मासूम बच्चियों को संकट से सुरक्षित निकालने के बाद उत्तर प…
आजमगढ़ में पुलिस की संवेदनशील पहल, अनाथ बच्चियों के भविष्य के लिए पुलिसकर्मी देंगे वेतन आजमगढ़ में दो मासूम बच्चियों को संकट से सुरक्षित निकालने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनके भविष्य की जिम्मेदारी में भी सहयोग का फैसला किया है। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने एक महीने का वेतन और जिले के सभी पुलिसकर्मियों ने एक दिन का वेतन सहायता के रूप में देने का ऐलान किया है।
यह राशि दोनों बच्चियों के नाम एफडी के रूप में जमा कराई जाएगी। पुलिस के मुताबिक, बच्चियों की शिक्षा, पालन-पोषण और मानसिक स्वास्थ्य में भी हरसंभव सहयोग किया जाएगा।पुलिस के अनुसार, 22 और 23 सितंबर की दरमियानी रात आजमगढ़ के आहरौला थाना क्षेत्र के शम्भूपुर गांव में तीन लोगों की हत्या के बाद आरोपी अरविंद अपने तीन बच्चों और लाइसेंसी रिवॉल्वर के साथ एक कमरे में बंद हो गया था। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने करीब सात से आठ घंटे तक उससे बातचीत कर आत्मसमर्पण करने और बच्चों को सुरक्षित बाहर भेजने के लिए समझाने का प्रयास किया। आपात स्थिति से निपटने के लिए एटीएस भी मौके पर मौजूद थी।इसी दौरान देर रात कमरे के अंदर गोली चलने की आवाज सुनाई दी। बच्चों की जान बचाने के लिए एसएसपी डॉ. अनिल कुमार, एसओजी प्रभारी संजय सिंह और आरक्षी प्रदीप ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई के बीच पुलिस टीम ने दोनों बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि नौ वर्षीय शौर्य गोली लगने से गंभीर रूप से घायल था। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम और बैलिस्टिक जांच में बच्चे को उसके पिता की रिवॉल्वर से चली गोली लगने की पुष्टि हुई।घटना के बाद परिवार में वृद्ध माता और दो बच्चियां रह गई हैं। दोनों बच्चियां फिलहाल अपने परिजनों के साथ सुरक्षित हैं। पुलिस उनके शिक्षा और पालन-पोषण में सहयोग कर रही है। घटना से हुए मानसिक आघात को देखते हुए 11 वर्षीय बच्ची के लिए चाइल्ड साइकेट्रिस्ट से परामर्श और आवश्यक मनोवैज्ञानिक सहायता की व्यवस्था भी की जा रही है।पुलिस ने बताया कि घटना में जान गंवाने वाले धर्मेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा के परिजनों को पात्रता के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए एसएसपी ने जिलाधिकारी से समन्वय किया है। दोनों परिवारों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत सहायता दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। वहीं दोनों बच्चियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत पात्रतानुसार सहायता और वृद्ध माता को वृद्धावस्था पेंशन सहित अन्य पात्र सदस्यों को संबंधित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिला प्रशासन से समन्वय किया गया है।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने आजमगढ़ पुलिस की कार्रवाई और बच्चियों को सुरक्षित बचाने के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में आजमगढ़ पुलिस ने धैर्य, साहस और कुशल फील्ड क्राफ्ट का परिचय दिया। साथ ही प्रभावित परिवार के प्रति मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए पुलिसकर्मियों ने बच्चियों के भविष्य में सहयोग का निर्णय लिया है।
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Source: Filmitics







