Skip to content
September 26, 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
मां को गालियां दीं, लेकिन मैं उन्हें माफ करता हूं… जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पीएम मोदी की देश से बड़ी अपील, राष्ट्रपति ने पेपर लीक कानून संशोधन को दी मंजूरी, राज्यों में फास्ट ट्रैक अदालतों का रास्ता साफ *RBI का नया नियम : अब बैंकों को अपनी सभी शाखाओं में जमा पर देना होगा एकसमान ब्याज, चाहे सरकारी हो या प्राइवेट… अब चढ़ावा आठ सदस्यीय निगरानी टीम के हवाले, नई व्यवस्था 25 जुलाई से लागू विदिशा ट्रस्ट ने ‘वाइब्रेंट विदिशा’ के 15वें संस्करण का आयोजन किया; लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र स्थित हुसड़िया चौराहे के पास एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल कम डालने के आरोप को लेकर विवाद हिंसक हो गया। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र में मोहर्रम का जुलूस देख रहे एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते चाकू से हमला किया गया। विश्व योग दिवस पर प्रेरणा वाटिका पार्क में हुआ भव्य योग कार्यक्रम।
khel

इटली के स्कूलों में BAN हुआ बुर्का-हिजाब और नकाब, नियम तोड़ा तो लगेगा 1 लाख रुपये से अधिका का जुर्माना

September 25, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ कक्षाओं में विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने का फैस…

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ कक्षाओं में विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने का फैसला किया है. इटली की कैबिनेट ने गुरुवार, 24 सितंबर को इससे जुड़ी डिक्री को मंजूरी दी. नए नियमों के तहत प्राथमिक स्कूलों की कक्षाओं में ऐसे छात्रों की संख्या 30 प्रतिशत तक सीमित की जाएगी, जिन्हें इतालवी भाषा पर पर्याप्त पकड़ नहीं है

नई नियमों के तहत स्कूलों में बुर्का और नकाब पहनने पर प्रतिबंध लगाया गया है. नियम तोड़ने पर 1,000 यूरो (भारतीय मद्रा में 109227.94 रुपये) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. सरकार का कहना है कि स्कूलों में चेहरा स्पष्ट रूप से दिखाई देना और छात्रों के बीच बेहतर संवाद जरूरी है. मेलोनी ने इस कदम को स्कूलों में एकीकरण और समान अवसर से जोड़कर पेश किया है

बुर्का पूरे शरीर को ढकने वाला परिधान है, जबकि नकाब चेहरे को ढकता है और आमतौर पर केवल आंखें दिखाई देती हैं. दोनों को लेकर यूरोप के कई देशों में पहले से अलग-अलग तरह के प्रतिबंध लागू हैं

सरकार ने उन छात्रों के लिए 30 प्रतिशत की सीमा तय की है, जिनकी इतालवी भाषा पर पर्याप्त पकड़ नहीं है. सरकार का तर्क है कि यदि किसी कक्षा में बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे हों जिन्हें पढ़ाई की भाषा समझने में परेशानी हो, तो उनके शैक्षणिक विकास और एकीकरण पर असर पड़ सकता है. इटली में विदेशी मूल के छात्रों की संख्या पहले से ही शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण है. रॉयटर्स के अनुसार, देश के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों में करीब 11.6 प्रतिशत गैर-इतालवी नागरिक हैं. हालांकि, नई व्यवस्था मुख्य रूप से भाषा दक्षता और नए आने वाले छात्रों से जुड़े मामलों पर केंद्रित है

नई नीति में उन विदेशी छात्रों के अभिभावकों पर भी ध्यान दिया गया है, जिनके बच्चों को स्कूल व्यवस्था में गंभीर रूप से घुलने-मिलने में परेशानी हो रही है. ऐसे मामलों में अभिभावकों को इतालवी भाषा सीखने के लिए कहा जा सकता है. सरकार का मानना है कि माता-पिता की भाषा क्षमता बच्चों की पढ़ाई और स्कूल के साथ उनके जुड़ाव में मदद कर सकती है

मेलोनी सरकार का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य विदेशी छात्रों को अलग करना नहीं, बल्कि स्कूलों में बेहतर एकीकरण सुनिश्चित करना है. प्रधानमंत्री ने कहा है कि इटली में भविष्य बनाने वालों को देश की भाषा सीखने, संस्कृति समझने और नियमों का सम्मान करने की जरूरत है. हालांकि, सरकार के फैसले पर विपक्ष और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं. आलोचकों का कहना है कि विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने से बच्चों के बीच अलगाव बढ़ सकता है. दूसरी ओर, शिक्षा मंत्री ग्यूसेप वल्दितारा ने भाषा की पर्याप्त जानकारी को शैक्षणिक प्रगति से जोड़ते हुए सरकार के फैसले का समर्थन किया है. नई डिक्री अब इटली की संसद की प्रक्रिया से गुजरेगी. डिक्री-लॉ को कानून का स्थायी रूप देने के लिए संसद से निर्धारित अवधि में मंजूरी जरूरी होगी

div

Source: NewsNation TV

शेयर करें:

संबंधित खबरें

और खबरें

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *