Skip to content
September 6, 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
मां को गालियां दीं, लेकिन मैं उन्हें माफ करता हूं… जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पीएम मोदी की देश से बड़ी अपील, राष्ट्रपति ने पेपर लीक कानून संशोधन को दी मंजूरी, राज्यों में फास्ट ट्रैक अदालतों का रास्ता साफ *RBI का नया नियम : अब बैंकों को अपनी सभी शाखाओं में जमा पर देना होगा एकसमान ब्याज, चाहे सरकारी हो या प्राइवेट… अब चढ़ावा आठ सदस्यीय निगरानी टीम के हवाले, नई व्यवस्था 25 जुलाई से लागू विदिशा ट्रस्ट ने ‘वाइब्रेंट विदिशा’ के 15वें संस्करण का आयोजन किया; लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र स्थित हुसड़िया चौराहे के पास एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल कम डालने के आरोप को लेकर विवाद हिंसक हो गया। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र में मोहर्रम का जुलूस देख रहे एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते चाकू से हमला किया गया। विश्व योग दिवस पर प्रेरणा वाटिका पार्क में हुआ भव्य योग कार्यक्रम।
अंतराष्ट्रीय

राजधानी लखनऊ के शहर की 10 लाख से ज्यादा की आबादी को पानी सप्लाई करने वाले कठौता झील में अवैध खनन हो रहा था ?

April 29, 2024 · admin · 1 मिनट पढ़ें

div class=”f3e032cb”कठौती झील में अवैध खनन शुरू कर दिया गया था। - Dainik Bhaskardiv
div class=”f46ba790″कठौती झील में अवैध खनन शुरू कर दिया गया था।div
div class=”fe1b7d06″div

शहर की 10 लाख से ज्यादा की आबादी को पानी सप्लाई करने वाले कठौता झील में अवैध खनन हो रहा था। तत्कालीन जीएम ने गलत तरीके से बैक डेट में वर्क ऑर्डर दे दिया था। चार सदस्यीय टीम की जांच में इसका खुलासा हुआ है।

div class=”cf559a0e b06c8b9b rendered”div

दरअसल, झील के एक हिस्से में खुदाई का काम होना था। उसी की आड़ में जीएम ने बाकी जगहों पर भी वर्क ऑर्डर कर दिया। इसको लेकर शिकायत हुई थी। 4 लोगों की जांच कमिटी बैठी। अब उस चार सदस्यी टीम ने पाया है कि ऑर्डर गलत तरीके से किया गया था।

तत्कालीन जीएम राम कैलाश को जांच में दोषी पाया गया है। जीएम राम कैलाश की तैनाती के दौरान झील के एक हिस्से में खनन वर्क ऑर्डर हुआ था। लेकिन पूर्व जीएम जलकल राम कैलाश ने तबादला होने के बाद बाकी हिस्सों में खनन के लिए बैक डेट में वर्क ऑर्डर जारी कर दिया।

नगर आयुक्त को रिपोर्ट गई दी

मामले की जांच रिपोर्ट नगर आयुक्त को दे दी गई है। इसके बाद शासन को रिपोर्ट जाएगी। वहां से सस्पेंड करने से लेकर वसूली तक की कार्रवाई हो सकती है। इस पूरे मामले में जलकल जोन 4 के तत्कालीन एक्सईएन अनिरुद्ध भारती की भी लापरवाही सामने आई है।

बताया जा रहा है कि तत्कालीन एक्सईएन अनिरुद्ध भारती ने खनन रोकने के लिए न तो कोई कदम उठाया न ही आला अधिकारियों को जानकारी दी। अनिरुद्ध भारती मौजूदा समय जोन 7 में तैनात है। चुनाव बाद दोषी अधिकारियों पर हो सकती है कार्यवाही,

40 लाख रुपए का नुकसान

इस पूरे मामले में नगर निगम को करीब 40 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। हालांकि यह नुकसान उससे ज्यादा भी हो सकता है लेकिन उसके लिए अलग से जांच बैठानी पड़ेगी। कठौता झील से इंदिरा नगर और गोमती को मिलाकर करीब 10 लाख की आबादी को पानी की सप्लाई होती है। यहां पानी कम होने से इंदिरा नहर से सप्लाई दी जाती है। ऐसे में अगर इस झील के साथ अधिकारियों ने खिलवाड़ किया तो शहर के बड़े हिस्से में पीने के पानी की किल्लत हो जाएगी।

शेयर करें:

संबंधित खबरें

और खबरें