- मंदाकिनी नदी ने 23 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। जलस्तर खतरे के निशान से कई मीटर ऊपर पहुंच गया।
- रामघाट क्षेत्र में होटलों, आश्रमों और घरों में सैकड़ों लोग फंस गए, जिन्हें नावों, SDRF और हेलिकॉप्टर की मदद से निकाला गया।
- वायुसेना के हेलिकॉप्टरों से भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। कई लोगों को छतों और बाढ़ के बीच से सुरक्षित निकाला गया।
- बाढ़ के तेज बहाव में रामघाट का करीब 300 मीटर लंबा पुल बह गया। कई अन्य पुल और सड़कें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
- चित्रकूट के कई मंदिर, आश्रम और धार्मिक परिसर पानी से घिर गए। रामघाट और आसपास के इलाके में हालात बेहद खराब रहे।
- सतना-चित्रकूट मार्ग समेत कई सड़कें बंद हो गईं। कुछ इलाकों में सड़कों पर नाव चलाने की नौबत आ गई।
- प्रशासन, SDRF, NDRF, होमगार्ड और सेना की टीमें लगातार राहत-बचाव में जुटी हैं। 36 गांवों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
- रेल यातायात भी प्रभावित हुआ और कई ट्रेनों को रोकना पड़ा। बाद में प्रभावित रेलखंड पर सावधानी के साथ परिचालन शुरू किया गया।
- ताजा अपडेट के अनुसार मंदाकिनी का जलस्तर कुछ जगह घटने लगा है, लेकिन कई इलाकों में खतरा अभी बना हुआ है।




