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div class=”f46ba790″मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कार्यभार संभालते ही इन्टीग्रेटेड ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम (IGRS) की समीक्षा की। उन्होंने पहली ही बैठक में अफसरों को ईमानदारी से काम करने की नसीहत दी।div
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मुख्य सचिव ने कहा कि रोजना पांच शिकायतों का परीक्षण कराया जाएगा। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तव में समाधान हुआ है या नहीं। उसी आधार पर फर्जी रिपोर्ट देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि आम जन की शिकायतों एवं समस्याओं को तेजी से निपटाने के लिए I
GRS सिस्टम बनाया गया है। आमजन से विभिन्न माध्यमों से प्राप्त होने वाली शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण कराया जाए। शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता और शिकायतकर्ता की संतुष्टि का विशेष ध्यान रखा जाए। असंतुष्ट फीडबैक एवं स्पेशल क्लोज होने वाली शिकायतों का रेण्डम गुणवत्ता परीक्षण किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 5 शिकायतों का रेण्डम आधार पर परीक्षण किया जाएगा और आवश्यकतानुसार मौके पर सक्षम अधिकारी को भेजकर सत्यापन कराया जाएगा। फर्जी रिपोर्ट लगाकर शिकायत क्लोज करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। बैठक में विशेष सचिव मुख्यमंत्री प्रथमेश कुमार सहित अन्य अफसर मौजूद रहे।




