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div class=”f46ba790″यह सभी तस्वीरें 2 जुलाई हाथरस हादसे के बाद की हैं।div
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हाथरस हादसे के 7 दिन बाद UP सरकार ने पहला एक्शन लिया। SDM, CO समेत 6 अफसरों को सस्पेंड कर दिया है। सरकार ने SIT की रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई की। SIT ने सोमवार रात CM योगी को 900 पेज की रिपोर्ट सौंपी थी।
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सरकार ने SDM रविंद्र कुमार, CO आनंद कुमार के अलावा इंस्पेक्टर आशीष कुमार, तहसीलदार सुशील कुमार और चौकी इंचार्ज कचौरा मनवीर सिंह और पारा चौकी इंचार्ज बृजेश पांडे को सस्पेंड किया।
इधर, हाथरस हादसे का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मंगलवार को याचिकाकर्ता वकील विशाल तिवारी से चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा- मैंने कल ही याचिका को लिस्टेड करने का आदेश दिया। याचिका में हादसे की जांच रिटायर्ड जस्टिस की निगरानी में पांच सदस्यीय टीम से कराने की मांग की गई थी।
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div class=”f46ba790″हादसे के बाद अस्पताल के बाहर बिखरी पड़ीं लाशें।div
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SIT ने 150 लोगों के बयान दर्ज किए
SIT ने रिपोर्ट में कहा- हादसे में साजिश से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसकी गहनता से जांच जरूरी है। हादसा आयोजकों की लापरवाही से हुआ। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने आयोजन को गंभीरता से नहीं लिया।
वरिष्ठ अफसरों को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। भीड़ के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। आयोजकों ने बिना पुलिस वैरिफिकेशन जिन लोगों को अपने साथ जोड़ा, उनसे अव्यवस्था फैली है। जांच के दौरान 150 अफसरों, कर्मचारी और पीड़ित परिवारों के बयान दर्ज किए।
आयोजकों ने तथ्यों को छिपाकर कार्यक्रम की अनुमति ली
SIT ने कहा- SDM, CO, तहसीलदार, इंस्पेक्टर, चौकी इंचार्ज ने अपनी जिम्मेदारी में लापरवाही की। SDM ने बिना कार्यक्रम स्थल का मुआयना किए अनुमति दी। सीनियर अफसरों को भी जानकारी नहीं दी। घटनास्थल पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी नहीं थी।
रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई कि भोले बाबा के कार्यक्रम के आयोजकों ने तथ्यों को छिपाकर कार्यक्रम की अनुमति ली। आयोजकों ने पुलिस के साथ दुर्व्यवहार किया। पुलिस को कार्यक्रम स्थल पर निरीक्षण से रोकने का प्रयास किया। हादसे के बाद आयोजक मंडल के सदस्य घटनास्थल से भाग गए।
CM ने हादसे के 24 घंटे में रिपोर्ट तलब की थी। हालांकि, SIT ने जांच पूरी करने में 6 दिन लगा दिए। आगरा जोन की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अनुपम कुलश्रेष्ठ SIT प्रमुख हैं।
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div class=”f46ba790″3 जुलाई को CM योगी हाथरस गए थे। घटनास्थल का निरीक्षण किया। अफसरों से पूछताछ भी की थी।div
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केस की तीन लेवल पर जांच
2 जुलाई को हाथरस के सिकंदराराऊ के फुलरई मुगलगढ़ी गांव में हुई भगदड़ में 123 लोगों की मौत हुई है। इनमें 113 महिलाएं और 7 बच्चियां हैं। इस केस की तीन लेवल पर जांच हो रही है। पहली रिपोर्ट SDM ने हादसे के 24 घंटे बाद प्रशासन को सौंपी थी।
इसमें हादसे के लिए आयोजकों को जिम्मेदार बताया था। दूसरी रिपोर्ट सोमवार को SIT ने योगी सरकार को सौंपी। इसके अलावा न्यायिक जांच आयोग का भी गठन किया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बृजेश कुमार श्रीवास्तव आयोग के अध्यक्ष हैं। आयोग 2 महीने में जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा।
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मां जेल में…6 महीने का बच्चा भूख से तड़प रहा;सास बोली-पुलिसवाले बहू को ले गए
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नीचे लगी तस्वीर 6 महीने के वैदिक की है। अभी वह सिर्फ मां का दूध पीता है, लेकिन तीन दिन से उसे वह भी नसीब नहीं हुआ। पुलिस ने वैदिक की मां मंजू यादव को हाथरस केस में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
भोले बाबा के वकील बोले- भागते हुए नहीं पकड़े जाएंगे:ना भेष बदलेंगे, एजेंसी बुलाएगी तो हाजिर होंगे
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हाथरस हादसे को चार दिन बीत चुके हैं। भगदड़ में मारे गए 123 लोगों का अंतिम संस्कार हो गया। सरकार की ओर से मुआवजे का ऐलान भी कर दिया गया। लेकिन, जिस भोले बाबा उर्फ सूरज पाल की वजह से बेगुनाहों की मौत हुई, वह अब तक सामने नहीं आया।



