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अंतराष्ट्रीय

लखनऊ की सबसे बड़ी फूल मंडी पर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया।

By admin · July 26, 2024 · 1 min read
लखनऊ की सबसे बड़ी फूल मंडी पर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। हुसैनाबाद ट्रस्ट की जमीन को 100 साल के लिए 2001 में लीज पर दी गई थी। लेकिन प्रशासन ने 26 जून 2024 तक खुद से खाली करने का नोटिस जारी कर दिया था।

गुरुवार दोपहर प्रशासन की टीम चौक स्थित कंचन मार्केट के सामने फूल मंडी में बुलडोजर के साथ पहुंची। यहां सुबह से ही व्यापारी फूल बेच रहे थे। बुलडोजर देख व्यापारियों में अफरातफरी मच गई। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस भी मौजूद रही।

इसी मंडी से अयोध्या राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के लिए फूल भेजे गए थे। मंडी को बचाने के लिए व्यापारी ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से भी अपील की थी। डिप्टी सीएम ने दुकान नहीं हटाए जाने का आश्वासन भी दिया था। बावजूद प्रशासन ने मंडी पर बुलडोजर चला दिया। वहीं 29 सितंबर 2019 को फूल मार्केट को विभूति खंड में शिफ्ट करने का फैसला किया गया था

फूल मंडी पर बुलडोजर एक्शन की तस्वीर

गुरुवार को यूपी की सबसे बड़ी फूल मंडी पर एक साथ तीन बुलडोजर चले।
गुरुवार को यूपी की सबसे बड़ी फूल मंडी पर एक साथ तीन बुलडोजर चले।
मंडी को पूरी तरह से जमींदोज कर जमीन को खाली करा लिया गया।
मंडी को पूरी तरह से जमींदोज कर जमीन को खाली करा लिया गया।
जमीन को 100 साल के लिए लीज पर दिया गया था, लेकिन प्रशासन ने लीज कैंसिल कर दी।
जमीन को 100 साल के लिए लीज पर दिया गया था, लेकिन प्रशासन ने लीज कैंसिल कर दी।

किसान बाजार में शिफ्ट की गई दुकान

फूल मंडी में करीब 120 से ज्यादा दुकानें थीं। चौक की फूल मंडी प्रदेश की सबसे पुरानी फूल मंडियों में से एक है। यहां की दुकानों को विभूति खंड में किसान बाजार में शिफ्ट कर दिया गया है। हालांकि फूल मंडी के किसानों का कहना है कि यहां के कारोबार से 120 परिवार जुड़े हैं, लेकिन सिर्फ 7 दुकानें ही आवंटित की गई हैं। ऐसे में कैसे व्यापार संभव हो पाएगा।

कार्रवाई के दौरान किसी तरह का विवाद न हो, इसे देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही।
कार्रवाई के दौरान किसी तरह का विवाद न हो, इसे देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही।

4 दशक से चल रहा कारोबार उजड़ा

दुकानदार अयाज ने कहा- बीते चार दशक से हमारा परिवार यहां पर फूल का कारोबार करता आ रहा है। प्रशासन ने नोटिस देकर कहा कि सभी की दुकानें किसान बाजार में शिफ्ट कर दी गई हैं। वहां पर केवल 7 दुकानें हैं। न तो वहां पर आने-जाने का कोई साधन है। न ही कोई सुविधा। ऐसे में केवल 7 दुकानों में कैसे 120 परिवार फूल का कारोबार करेंगे।

अयाज ने कहा- प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर हमारी छत छीन ली है। हम सभी खुले आसमान के नीचे अपनी दुकान लगाएंगे। हमारी मांग है कि फूल मंडी दुबग्गा सब्जी मंडी में या चौक के किसी बाजार में शिफ्ट कर दी जाए। मंडी परिषद वाले तानाशाही रवैया अपना रहे हैं।

लखनऊ की फूल मंडी यूपी की सबसे बड़ी मंडी थी। यहां से पूरे प्रदेश में फूल भेजा जाता था।
लखनऊ की फूल मंडी यूपी की सबसे बड़ी मंडी थी। यहां से पूरे प्रदेश में फूल भेजा जाता था।

नवंबर 2001 में लीज पर दी गई थी जमीन

प्रशासन ने हुसैनाबाद ट्रस्ट की जमीन को 9 नवंबर 2001 में फूल व्यापार कल्याण समिति को लीज पर दी थी। यह लीज 100 साल के लिए थी। लेकिन 2024 में अचानक प्रशासन ने लीज कैंसिल कर दी। नगर निगम ने फूल मंडी को हटाने के लिए पहले ही नोटिस दिया था। वहीं हुसैनाबाद ट्रस्ट ने भी मंडी हटाने के लिए समिति को नोटिस दिया था। ट्रस्ट का कहना है कि ​​​​​​यह संपत्ति हमारी है।

नेताओं के स्वागत के लिए यहीं से जाते थे फूल

फूल व्यापारी मोहम्मद अयाज ने बताया कि उत्तर प्रदेश की यह सबसे पुरानी और बड़ी फूल मंडी है। अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान दो बार यहां से फूल भेजा गया था। इसके अलावा लखनऊ के जो भी पुराने मंदिर हैं, जैसे- हनुमान सेतु, मनकामेश्वर महादेव, बुद्धेश्वर महादेव, कालीबाड़ी मंदिर समेत तमाम मंदिर और दरगाहों पर यहीं से फूल जाता है।

फूल मंडी के कारोबारी अयाज ने कहा कि सिर्फ 7 दुकानें दी जा रही हैं जबकि फूल मंडी से 120 परिवार जुड़े हैं।
फूल मंडी के कारोबारी अयाज ने कहा कि सिर्फ 7 दुकानें दी जा रही हैं जबकि फूल मंडी से 120 परिवार जुड़े हैं।

अयाज ने बताया- देश के बड़े नेताओं के स्वागत और सम्मान के लिए भी फूल यहीं से जाता है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व मंत्री लालजी टंडन समेत, लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह समेत तमाम नेताओं के लिए फूल और माला यहां से जाता है।

हुसैनाबाद ट्रस्ट ने 25 जून 2024 को नोटिस जारी किया था।
हुसैनाबाद ट्रस्ट ने 25 जून 2024 को नोटिस जारी किया था।

अयाज ने बताया- किसान यूपी के अलग-अलग जिलों से फूल लेकर आते हैं। उन्हें गोमती नगर जाने में सबसे ज्यादा दिक्कत होगी। नई जगह पर ग्राहक नहीं मिलेंगे। गोमती नगर जाने में सवारी और साधन की भी असुविधा है। उन्होंने बताया कि किसानों का कहना है कि वह अपनी फूल की खेती खत्म कर देगा, मगर यहां से दूसरी जगह नहीं जाएगा।

3 लाख रुपए से ज्यादा का रोजाना कारोबार

स्थानीय कारोबारियों ने बताया कि रोजाना सुबह तीन से चार घंटे तक फूल मंडी लगती थी। यहां पर रोजाना लगभग 3 लाख रुपए का कारोबार होता था। यहां के फूल शहर के सभी लोकेशन पर भेजे जाते थे।

2010 में मिला था पहला नोटिस

फूल व्यापारी कल्याण समिति के सचिव मोहम्मद अय्यूब ने बताया- बड़े इमामबाड़ा के पीछे वाली गली में फूल मंडी लगती थी। 2001 में फूल वाली गली से निकलकर हुसैनाबाद ट्रस्ट की जमीन पर मंडी लगने लगी। 2010 में शासन की ओर से पहला नोटिस दिया गया था। तब कहा गया था कि मंडी को किसान बाजार में शिफ्ट किया जाए। उस समय किसानों के विरोध से मामला शांत हो गया था। नवंबर 2023 में हुसैनाबाद ट्रस्ट की ओर से नोटिस जारी हुआ था।

डिप्टी सीएम से लगाई थी मदद की गुहार

फूल व्यापारी कल्याण समिति के लोगों ने हाल ही में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से मुलाकात की थी।
फूल व्यापारी कल्याण समिति के लोगों ने हाल ही में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से मुलाकात की थी।

1 महीने पहले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से किसानों ने मुलाकात कर अपनी समस्या बताई थी। पाठक ने किसानों और व्यापारियों को आश्वासन दिया था कि मंडी नहीं हटेगी लेकिन अब तो बुलडोजर चला दिया गया।

लखनऊ के बड़ा इमामबाड़ा से हटेगी फूल मंडी:व्यापारी बोले- राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के लिए यहीं से गए थे फूल; ट्रस्ट ने कहा-लीज खत्म

लखनऊ में बड़ा इमामबाड़ा फूलमंडी को हटाने की तैयारी हो रही है। हुसैनाबाद ट्रस्ट ने एक नोटिस जारी कर व्यापारियों को जल्द मंडी से दुकानें शिफ्ट करने का निर्देश दिया है। इसके बाद व्यापारियों और फूल किसानों की चिंता बढ़ गई है।

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