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मोहनलालगंज के एक आंगनबाड़ी केंद्र में पोषाहार घोटाले का मामला सामने आया है। गांव की महिलाओं का आरोप है कि पिछले 9 महीने से बच्चों और महिलाओं को पोषाहार नहीं मिला। डीएम से ऑनलाइन शिकायत कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
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निगोहां थाना इलाके के शिवपुरा गांव की महिलाओं का आरोप है कि संस्थान सुपरवाइजर से जब पोषाहार की जानकारी मांगी गई तो उन्होंने भगा दिया। दीपिका, मंजू, माधुरी और करिश्मा सहित छह ग्रामीण महिलाओं ने जिलाधिकारी लखनऊ और बाल विकास परियोजना अधिकारी मोहनलालगंज को ऑनलाइन शिकायत भेजी है। उनका कहना है कि पोषाहार न मिलने से बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
शिकायत में यह भी आशंका व्यक्त की गई है कि पोषाहार वितरण में भ्रष्टाचार हो रहा है और सरकार द्वारा भेजा गया राशन केंद्र तक नहीं पहुंच रहा है, या इसे गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। महिलाओं ने मांग की है कि इस मामले की तुरंत जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
इस घटना से गांव में रोष है, और ग्रामीण चाहते हैं कि बच्चों को शीघ्र ही आवश्यक पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनके स्वास्थ्य पर पड़ रहे बुरे प्रभाव को रोका जा सके।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाती है। ग्रामीणों की शिकायतों और आरोपों को देखते हुए यह एक बड़ा मामला बन सकता है, जो सरकारी योजनाओं के सही कार्यान्वयन और लाभार्थियों तक पहुंच के मुद्दों को भी उजागर करता है।

