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div class=”f46ba790″सतरिख रोड में आखिरी बार सीसीटीवी में दिखा डिलीवरी ब्वॉय।div
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लखनऊ में फ्लिपकार्ट डिलीवरी ब्वॉय भरत कुमार की हत्या कर दी गई। उसके पूर्व परिचित गजानन ने अपने साथी हिमांशु और आकाश के साथ मिलकर मौत के घाट उतारा। घटना चिनहट थाना क्षेत्र की है।
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जानकारी के मुताबिक, हिमांशु ने भरत को दोपहर करीब पौने तीन बजे कॉल किया और कहा कि वह घर पर नहीं है। इसके बाद गजानन से फोन कांफ्रेंस से बात कराई और शाम को डिलीवरी पहुंचाने की बात कही।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि, जब गजानन के बताए पते पर भरत कुमार पहुंचा, तो तीनों उसको बातों में फंसाकर गजानन के घर ले गए। जहां, उसके साथ मोबाइल, पैसे और कोरियर के अन्य सामान जिसमें तीन मोबाइल, 46 दूसरे आइटम और 36 हजार नगद लूट लिए।
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div class=”f46ba790″लखनऊ के इंदिरा नगर में मृतक भरत कुमार की तलाश की जा रही है।div
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10 किलोमीटर तक डेडबॉडी लेकर गए हत्यारे
भरत के विरोध पर जमकर मारापीटा गया। मारकर लहूलुहान कर दिया और बेहोश होने पर गला दबाकर हत्या कर डाली। शव को ठिकाने लगाने से पहले उन्होंने 5 घंटे तक शव को घर में ही रखा।
रात होने पर गजानन की कार में उसके ही बैग में शव को रखकर वे घर से 10 किलोमीटर दूर इंदिरा नहर पहुंचे और वहां फेंक दिया। पुलिस टीम SDRF के साथ शव को नहर में खोज रही है, लेकिन शव बरामद नहीं हुआ है।
भरत की मोबाइल की कॉल डिटेल डिलीट की
गजानन एक शातिर अपराधी है। वह क्राइम सीरीज देखकर घटना से जुड़े साक्ष्य मिटाने में माहिर था, लेकिन भूल गया कि उसकी कॉल कंपनी के रिकॉर्ड में आ गई होगी। इसी के चलते भरत की हत्या का खुलासा हो गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गजानन ने हत्या के बाद भरत के मोबाइल की कॉल डिटेल के साथ सारा डाटा डिलीट कर दिया था। साथ ही उसकी बाइक घटनास्थल से दूर दूसरे इलाके में खड़ी करा दी।
हालांकि, कंपनी की कॉल डिटेल से उसकी आखिरी लोकेशन पर लगे CCTV कैमरों और कांफ्रेंस में उसके दिए नंबर से फंस गए। इसके आधार पर पुलिस तीनों तक पहुंची और घटना का खुलासा किया गया।
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div class=”f46ba790″CCTV में भरत कुमार डिलीवरी के लिए जाते हुए कैप्चर हुआ है।div
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भरत का खून साफ किया, फिनायल छिड़का
पुलिस सूत्रों के मुताबिक,आकाश ने पूछताछ में बताया कि भरत कोरियर का सामान देने को तैयार नहीं था। मारपीट में सिर में चोट आने से खून काफी निकल गया था। हत्या के बाद उसके शव को ठिकाने लगाया गया। साथ ही घर के फर्श और गाड़ी को पानी से साफकर फिनायल डाला गया।
ऐसा इसलिए किया गया, ताकि किसी को पता न चले कि यहां पर खून था। भरत का मोबाइल भी उसने ही छीनकर अपने पास रख लिया था।
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div class=”f46ba790″यह तस्वीर हत्या के आरोपी गजानन उर्फ गजेंद्र की है। पुलिस उसकी क्राइम हिस्ट्री तलाश रही है।div
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गजानन अपनी बहन के साथ किराए पर रहता है
पुलिस के मुताबिक वारदात को गजानन के घर पर अंजाम दिया गया। वह अपनी बहन के साथ किराए के कमरे में रहता है। पुलिस जांच में सामने आया है, कि वह अपराधी किस्म का है। वह भी पहले फ्लिपकार्ट में काम करता था। करीब ढाई लाख रुपए के गबन में निकाला गया था।
वह कई बार वह सामान बुक कराकर डिलीवरी ब्वॉय को भगा देता था। इस बार भी उसने यही किया, लेकिन भरत परिचित था, इसलिए भिड़ गया। गजानन के इस घटना को अंजाम देने में उसके घर के पास रहने वाले हिमांशु और आकाश ने साथ दिया।
पुलिस घर में रहने वाली बहन की भूमिका की भी जांच कर रही है। बहन का कहना है कि घटना वाले दिन वह घर पर नहीं थी।
गजानन की हार्डवेयर की दुकान
पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि गजानन ने नौकरी छोड़ने के बाद हार्डवेयर की दुकान खोली। आकाश और हिमांशु कार पेंटर हैं। उसकी दुकान पर आने-जाने से तीनों की दोस्ती हो गई। इसके बाद इन लोगों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया।
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div class=”f46ba790″यह मृतक भरत कुमार की तस्वीर है। पुलिस अभी शव बरामद नहीं कर पाई है।div
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पुलिस को बैग के 47 पार्सल की भी तलाश
फ्लिपकार्ट के इंचार्ज आदर्श कोठरा ने बताया कि भरत कुमार 8 साल से कंपनी में काम कर रहा है। करीब 5 साल तक वह दिल्ली में रहा। 3 साल से उनके चिनहट स्थित गोदाम में काम कर रहा था। उनके यहां आजकल 100 डिलीवरी ब्वॉय काम कर रहे हैं।
घटना वाले दिन भरत 49 पार्सल लेकर निकला था। जिसमें तीन मोबाइल ( एक वीवो, एक गूगल पिक्सल और एक इनफिनिक्स) का था। वहीं 46 अन्य सामानों का पार्सल था। जिनकी कुल कीमत 1.50 लाख रुपए के आसपास थी।
भरत के गोदाम पर रात तक वापसी की एंट्री न कराने और मोबाइल बंद होने पर परिजनों और पुलिस से कंपनी ने संपर्क किया। कंपनी ने घटना से जुड़ी उसकी कॉल और सामान की लिस्ट पुलिस को मुहैया कराई है।

