Uplive News

UPLive News is a trusted Hindi digital news platform delivering fast, accurate, and unbiased coverage of breaking news, politics, business, sports, entertainment, technology, lifestyle, education, and local updates from Uttar Pradesh, India, and around the world. Our mission is to provide factual journalism through text, photos, and videos while keeping readers informed with reliable and timely news.

अंतराष्ट्रीय

चाइनीज लहसुन रोकने के फरमान बेअसर। अभी भी जारी है भारी पैमाने पर चाइनीज लहसुन की तस्करी।

By admin · October 20, 2024 · 1 min read

《पत्रकार नीरज बरनवाल》

बाबागंज बहराइच। बीते लगभग 3 माह से रुपईडीहा सहित पूरब पश्चिम से नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों से चाइनीज लहसुन बदस्तूर भारत आ रहा है। प्रदेश के माननीय उच्च न्यायालय व प्रदेश सरकार के सख्त आदेशों का इस इंडो नेपाल बार्डर पर कोई असर नही है।

बदस्तूर चाइनीज लहसुन बोरो में भरकर नेपालगंज से रुपईडीहा दिन के उजाले में व रात के अंधेरे में बीच बाजार में डंप किया जा रहा है। स्थानीय पुलिस व बार्डर पर लगी एसएसबी इस चाइनीज लहसुन की तस्करी रोकने में नाकाम सिद्ध हो रही है। बार्डर पर एसएसबी के जवान पहरा दे रहे हैं। फिर कैसे पूरे दिन नेपाली क्षेत्र से चाइनीज लहसुन रुपईडीहा डंप किया जा रहा है। यह अपने आप मे यक्षप्रश्न है।

लखनऊ की व बहराइच के मंडियों में छापेमारी की गई। इसकी भनक लगते ही बड़े आढ़तियों ने चाइनीज लहसुन को छिपा दिया। रुपईडीहा से सुबह यह लहसुन पिकअप पर लादकर नानपारा, बहराइच, लखीमपुर, सीतापुर, बाराबंकी व लखनऊ तक पहुंचा दिया जाता है।

पिछले दिनों उपजिलाधिकारी नानपारा अश्विनी कुमार पांडेय ने मंडी समिति के सचिव से थाने में ही रही बैठक में चाइनीज लहसुन के बारे में पूछा था। परंतु मंडी सचिव ने कोई उत्तर नही दिया।

लगभग 15 दिन पूर्व एसएसबी के जवानों ने चाइनीज लहसुन लदी एक पिकअप पकड़ी थी। तस्करों ने रुपईडीहा मंडी समिति के प्रपत्र दिखा दिए। इसपर एसएसबी ने पिकअप छोड़ दिया।

चाइनीज लहसुन को भारतीय लहसुन का अमली जामा पहनाने का काम मंडी समिति कर रही है। इसका भी खुलासा हो चुका है। इसपर भी कोई कार्यवाही एसडीएम नानपारा स्तर से नही की गई। पिछले दिनों एसएसबी के शिवपुरा बीओपी के जवानों ने लगभग 16 बोरे चाइनीज लहसुन सहित एक कैरियर को पकड़ा भी था। शेष कैरियर भाग लहसुन व साइकिलें छोड़कर भाग भी गए थे। रुपईडीहा के ठेलों पर भी चायनीज लहसुन बाकायदा बिक रहा है।

और खबरें