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12 जून को यूनियन बैंक के मैनेजर अनुज कुमार सक्सेना ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा- ब्रांच से जालसाज ने बैंक का ऑफर लेटर लेकर अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) से 120 करोड़ की धोखाधड़ी की। जालसाज बापू भवन के सामने यूनियन बैंक की ब्रांच के पर एक व्यक्ति एकेटीयू का फाइनेंस ऑफिसर बनकर गया।
बैंक में एकेटीयू के खाते की एफडी कराने की बात कही। बैंक मैनेजर ने अपना विजिटिंग कार्ड और ऑफर लेटर दे दिया। जिसे जालसाज ने एडिट करके अपने नाम से बना लिया। इसके अलावा यूनियन बैंक और एकेटीयू की फर्जी मेल आईडी बनाई।
फर्जी मेल से एकेटीयू की ऑफिशियल मेल पर और एकेटीयू की फर्जी आईडी से बैंक की असली आईडी पर मेल से लेटर चलाया। एकेटीयू का अथारिटी लेटर और केवाईसी लेकर 120 करोड़ आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर करवा लिया।
मास्टरमाइंड घटना के बाद निकल गया दुबई
मामले में बृजेश यादव ने बताया- पुलिस 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। घटना में चार मास्टरमाइंड हैं। अनुराग श्रीवास्तव और मोहम्मद चांद उर्फ सनी जॉनसन पुत्र साईमन जॉन को गिरफ्तार किया गया। है। आरोपी चांद ठगी के बाद पुणे होते हुए दुबई भाग गया था। 6 महीने तक तीसरे मास्टरमाइंड मोसाए के पास छिपा रहा।
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div class=”f46ba790″120 करोड़ की ठगी करने वाला मोहम्मद चांद गिरफ्तार। (लाल जैकेट में )div
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कार के शोरूम से मिली लीड
आरोपियों ने ठगी के पैसों को कई अकाउंट में ट्रांसफर किया। ट्रांजैक्शन की चेन देखी गई तो 20 लाख का ट्रांजैक्शन गोमतीनगर स्थित कार के शोरूम में मिला। वहां जाकर पता किया तो मालुम हुआ कि गाड़ी नगद में खरीदने का प्लान था। इसके बाद शोरूम से गाड़ी निकालने के दौरान कस्टमर की खींची हुई फोटो देखी गई। जिसे पहचान कराकर टीम चांद के पीछे लग गई।
गाड़ी में लगे ट्रैकर का जीपीएस कंट्रोल अपने पास रखा
आरोपी चांद लगातार गाड़ी से सफर करते जा रहा था। जिसकी वजह से पुलिस उस तक पहुंच नहीं पा रही थी। इसके बाद शोरूम की मदद से गाड़ी के ट्रैकर का एक्सेस लिया। जिससे टीम गाड़ी का पीछा करते हुए पुणे पहुंची। पुणे में ट्रैकर एयरपोर्ट पर जाकर रुक गया। वहां पहुंचने पर पुलिस को गाड़ी मिल गई। लेकिन चांद देश छोड़कर दुबई निकल चुका था। इसके बाद पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में लेकर लखनऊ आ गई।
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पत्नी की आईडी से चांद के घर तक पहुंची पुलिस
चांद की जानकारी करने पर शोरूम से उसकी पत्नी का लिंक मिला। असल में चांद ने गाड़ी को पहले अपनी पत्नी के नाम से बुक कराया। जिसके लिए पांच हजार एडवांस दिए। लेकिन कंपनी ने सिर्फ दो लाख कैश बाकी का पैसा ऑनलाइन लेने की बात कही। इस पर उसने एक ई-रिक्शा चालक की आईडी लगाकर कार निकलवा ली और ऑनलाइन पेमेंट करवा दिया।
पुलिस घर पहुंची तो वहां ताला लगा मिला
पुलिस चांद के घर पहुंची तो वो बंद मिला। वहां आसपास जानकारी करने पर मालूम हुआ कि प्लाटिंग का काम करता है। लेकिन काफी समय से दिखा नहीं। इस पर पुलिस ने चांद को पकड़ने का नया प्लान बनाया। चांद ने प्लाटिंग के दौरान कई कीमती जमीनें अपने पास रखी थी। जिसे खरीदने के लिए साइबर पुलिस ने प्लॉट का सौदा किया। 1 करोड़ 25 लाख में जमीन खरीदने की बात हुई। पुलिस ने भरोसे में लेने के लिए कुछ पैसे टोकन मनी दिया। इसके बाद भी कई दिन बहाने करता रहा। करीब 15 दिन पहले जमीन की रजिस्ट्री करने लखनऊ पहुंचा। तभी पुलिस ने पकड़ लिया।
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div class=”f46ba790″आरोपी अनुराग श्रीवास्तव तो पहले पकड़ा जा चुका है।div
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लोन करने की वजह से मिल जाती थी आईडी
पूछताछ में आरोपी चांद ने बताया वो प्लाटिंग के साथ लोन का काम भी करता है। जिसके चलते उसके पास कई लोगों की आईडी पड़ी है। ई-रिक्शा चालक की आईडी भी लोन के दौरान मिली थी। उसकी आईडी का इस्तेमाल कर कार निकलवाकर भाग गया था। कुछ दिन दुबई भागे तीसरे मास्टरमाइंड मोसाए के साथ रहा। इसके बाद लंदन में रह रहे चौथ मास्टरमाइंड देवांक देसाई के पास भागने की तैयारी थी।
आरोपी ने पत्नी के लिए बदला अपना धर्म
मड़ियांव के रहने वाले मोहम्मद चांद पहले सनी जॉनसन पुत्र साईमन जॉनसन था। इसके बाद उसकी मुलाकात एक मुस्लिम लड़की से हुई। लड़की के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। लड़की ने धर्म का हवाला देते हुए मना कर दिया। इस पर सनी जॉनसन ने अपना धर्म बदलकर नाम मोहम्मद चांद रख लिया।
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div class=”f46ba790″मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी।div
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ये लोग हो चुके गिरफ्तार
अमरौली सूरत गुजरात के रहने वाले देवेंद्र जोशी, अहमदाबाद के रहने वाले उदय पटेल, उन्नाव, यूपी के रहने वाले राजेश बाबू, बीकेटी लखनऊ के गिरीश चंद्र, महानगर लखनऊ के शैलेश कुमार रघुवंशी, मुसाफिर खाना अमेठी के रहने वाले दस्तगीर आलम, गांधीनगर बस्ती के रहने वाले कृष्णकांत और बस्ती के रहने वाले मास्टर माइंड अनुराग श्रीवास्तव को गिरफ्तार था।




