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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पीजीआई के पास वकीलों की पिटाई मामले में कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर से व्यक्तिगत शपथपत्र मांगा है। साथ ही डीसीपी पूर्वी की जांच पर रोक लगा दी है।
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न्यायमूर्ति विवेक चौधरी और न्यायमूर्ति एसक्यूएच रिजवी की खंडपीठ यह आदेश पीड़ित अधिवक्ता अमित कुमार पाठक और अन्य की याचिका पर दिया। याचिका में बताया गया कि 23 नवंबर 2024 को पीजीआई के पास ठेला लगाने वालों ने वकीलों को पीटा। उनकी कार को भी नुकसान पहुंचाया।
पीजीआई थाना पुलिस ने पीड़ित वकीलों का एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया। उल्टे दूसरे पक्ष का एफआईआर दर्ज कर लिया। नगर निगम के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि आरोपी ठेला वालों को कोई लाइसेंस नहीं दिया गया है।
सोमवार को कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को वरिष्ठ अधिकारी भेजने का आदेश दिया था। मंगलवार को एडीसीपी पूर्वी कोर्ट में हाजिर हुए। उन्होंने कहा कि उन्हें कमिश्नर से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी।




