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div class=”f46ba790″इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कामता चौराहे पर लगने वाले जाम की समस्या को लेकर दायर जनहित याचिका पर महत्वपूर्ण आदेश दिया है। न्यायमूर्ति एआर मसूदी और न्यायमूर्ति मनीष कुमार की खंडपीठ ने मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के महाप्रबंधक, एलडीए सचिव और पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता को 6 मार्च की अगली सुनवाई पर उपस्थित होने का निर्देश दिया है।div
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यह मामला अवध बार एसोसिएशन द्वारा 2017 में दायर की गई जनहित याचिका से जुड़ा है। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि जाम की समस्या के समाधान के लिए गठित होने वाली टीम में मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का कोई जिम्मेदार अधिकारी भी शामिल होना चाहिए।
शहीद पथ से कामता की ओर आने वाली ट्रैफिक सर्विस लेन पर शिफ्ट होने और लेन के संकरे होने से यातायात की समस्या उत्पन्न होती है। कामता चौराहे पर शहीद पथ, एयरपोर्ट पॉलिटेक्निक और अयोध्या रोड का ट्रैफिक मिलता है, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है।
एलडीए के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि कामता चौराहे पर एक ओवरहेड ब्रिज का प्रस्ताव है। हालांकि, मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन से सलाह लिए बिना इस प्रस्ताव पर आगे नहीं बढ़ा जा सकता। इसी कारण कोर्ट ने तीनों वरिष्ठ अधिकारियों को अगली सुनवाई पर उपस्थित होने का आदेश दिया है।




