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वीडियो में युवती कहती दिख रही है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला, तो वह मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्महत्या कर लेगी। आरोप है कि एक दबंग युवक उसे लगातार परेशान कर रहा है, लेकिन मड़ियांव पुलिस ने चार दिनों तक शिकायत करने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की।
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div class=”f46ba790″युवती ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर मड़ियांव थाना पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।div
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युवक घर आकर जातिसूचक गालियां देता है
मड़ियांव निवासी अर्चना कुमारी ने बताया कि इलाके का एक लड़का उसको कई दिनों से परेशान कर रहा है। महिला ने वीडियो वायरल कर कहा, अगर किसी लड़की को न्याय चाहिए तो उसे मरना पड़ेगा… और शायद मुझे भी मरना पड़ेगा।
पीड़िता के मुताबिक, 4 सितंबर से भोला यादव नाम का युवक लगातार उसके घर आकर उसे जातिसूचक गालियां देता है, अशब्द भाषा का इस्तेमाल करता है और डराता-धमकाता है। विरोध करने पर वह जान से मारने और बदनाम करने की धमकी देता है।
घर में घुसकर की अभद्रता, पुलिस कर्मी होने का दावा
अर्चना का आरोप है कि एक दिन आरोपी युवक अपनी मां और एक अज्ञात व्यक्ति के साथ आया, जो खुद को पुलिस का दीवान बता रहा था। तीनों ने जबरन घर में घुसने की कोशिश की, फिर बाहर सड़क पर जातिसूचक गालियां दीं और महिला के चरित्र पर सवाल उठाए। आरोपी ने धमकी दी कि अगर शिकायत की तो अच्छा नहीं होगा।
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div class=”f46ba790″पीड़िता का कहना है कि मड़ियांव थाने में उनके परिवार की सुनवाई नहीं हुई। यह वीडियो उसी दौरान रिकॉर्ड किया था।div
थाने पहुंची तो मिला जवाब फोर्स नहीं है बाद में आइए
पीड़िता जब शिकायत लेकर मड़ियांव थाने पहुंची तो उसे कहा गया अभी फोर्स नहीं है, 3 बजे बुलाएंगे। लेकिन शाम तक कोई कॉल नहीं आया। अगले दिन पीड़िता का भाई जब स्कूल से लौट रहा था तो आरोपियों ने उसे ईंट और तार से पीट दिया किसी तरह जान बचाकर घर पहुंचा। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है।
समझौते का दबाव बना रही मड़ियांव पुलिस, सुसाइड की दी धमकी
पीड़िता ने बताया कि दोपहर में उसे थाने बुलाया गया और करीब 2 घंटे तक थाने में बिठाकर सिर्फ यही समझाया गया कि इन सब चीजों में कुछ नहीं रखा है समझौता कर लो। थाने और कचहरी के चक्कर काटना पड़ेगा, इसमें कोई फायदा नहीं है।
पीड़िता का कहना है कि अब इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पुलिस वाले हम पर ही समझौते का दबाव बनवा रहे हैं। पीड़िता ने कहा कि यदि इस मामले में न्याय नहीं मिला तो वह मुख्यमंत्री आवास के सामने जाकर खुद को खत्म कर लेगी और इसकी जिम्मेदार मड़ियांव थाना पुलिस होगी।




