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उन्होंने विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान (SIR) के संबंध में दिशा-निर्देशों को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में सुधार बहुत जरूरी है। सभी पार्षद अपने-अपने वार्डों में बूथ स्तर पर मतदाता सूची के सत्यापन कार्य को गंभीरता से लें। बैठक में मेयर और नगर आयुक्त गौरव कुमार के बीच चल रहे तकरार को लेकर भी चर्चा हुई।
इसके लिए पार्षदों को एकजुट करने की कोशिश भी हुई। अब सुषमा खर्कवाल नगर आयुक्त के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन कर सकती हैं।
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div class=”f46ba790″SIR पर मेयर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में बैठक हुई। मेयर ने मतदाता सूची में सुधार को जरूरी बताया।div
‘असम के लोगों से लिए जाएं NRC के डॉक्यूमेंट’
बैठक में मतदाता सूची को लेकर चर्चा हुई। स्पष्ट किया गया कि ऐसे मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाएंगे, जो अब लखनऊ में निवास नहीं करते हैं। कई लोग नौकरी, व्यवसाय या अन्य कारणों से लखनऊ आए और बाद में यहां से स्थानांतरित हो गए, लेकिन उनके नाम अब भी मतदाता सूची में दर्ज हैं। जिन व्यक्तियों का निधन हो चुका है, उनके नाम भी सूची से हटाए जाने पर सहमति बनी, ताकि मतदाता सूची सटीक बने।
बैठक में संदिग्ध पहचान वाले प्रकरणों पर भी चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि शहर में रहने वाले उन व्यक्तियों के नाम, जिन्होंने असम राज्य के निवासी होने का दावा करते हुए यहां मतदाता पंजीकरण कराया है, उन्हें संबंधित एनआरसी दस्तावेजों के पूर्ण और प्रमाणिक सत्यापन के बाद ही मतदाता सूची में शामिल किया जाए।
मेयर ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह विधिक और संवैधानिक दायरे में होगी तथा किसी समूह विशेष को लक्षित कर नहीं, बल्कि केवल वैधता और प्रमाणिकता के आधार पर कार्यवाही की जाएगी।
वोटों का किया जाए सत्यापन
उन्होंने यह भी कहा गया कि ऐसे लोग जिन्होंने शहर या क्षेत्र बदल लिया है, लेकिन नाम अभी भी पूर्व आवासीय क्षेत्र में दर्ज हैं, उन्हें सूची से हटाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। बैठक में उन मामलों का भी उल्लेख हुआ जहां कुछ बाहरी व्यक्तियों के संदिग्ध पहचान दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में नाम दर्ज पाए गए हैं।
इस विषय पर महापौर ने कहा कि यह मामला संवेदनशील है और किसी भी व्यक्ति या समुदाय को लक्षित करने के बजाय, प्रशासन द्वारा निर्धारित विधिक प्रक्रिया के आधार पर ही सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विवादास्पद या संदिग्ध दस्तावेजों वाले मामलों में संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक प्रमाण पत्र और पहचान सत्यापन की औपचारिक प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
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div class=”f46ba790″मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा- मतदाता सूची के सत्यापन में कानून के प्रावधानों का पूर्णतः पालन किया जाएगा।div
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एक सप्ताह में समिति गठन करने के निर्देश
बैठक में स्वच्छ पर्यावरण समिति और वार्ड समितियों के गठन पर भी विचार-विमर्श हुआ। मेयर ने बताया कि प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना के निर्देशानुसार प्रत्येक वार्ड में पार्षद की अध्यक्षता में वार्ड समिति का गठन होना अनिवार्य है। उन्होंने सभी पार्षदों से एक सप्ताह के भीतर अपने-अपने वार्डों में समिति के सदस्यों के नाम प्रस्तुत करने का अनुरोध किया।
नगर निगम, नागरिक सहभागिता और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त सहयोग से ही शहर की स्वच्छता, प्रशासनिक दक्षता और विकास कार्यों में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने सभी पार्षदों का आभार जताया और निर्धारित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने का आग्रह किया। बैठक में भाजपा पार्षद दल के उपनेता सुशील तिवारी ‘पम्मी’ समेत कई पार्षद उपस्थित रहे।
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div class=”f46ba790″बैठक में कार्यकारिणी बैठक को लेकर भी चर्चा हुई।div
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पार्षदों को एक जुट करने की कोशिश हुई
नगर निगम में कुल 80 पार्षद हैं। बैठक में करीब 55 पार्षद पहुंचे। 15वें वित्त और अवस्थापना में जिन पार्षदों को कोई काम नहीं मिला, उन्होंने बैठक से दूरी बनाई है। इसमें से कई पार्षदों ने व्यस्त शेड्यूल या बाहर होने की बात कही। कई सीनियर पार्षद मुन्ना मिश्रा, अरुण तिवारी, भृगुनाथ शुक्ला, नागेंद्र सिंह सहित शैलेंद्र वर्मा और अन्य ने इससे दूरी बनाई।
बैठक में पार्षदों ने यह भी मुद्दा उठाया कि ऑनलाइन शिकायत पर पार्षद को कोई सूचना नहीं रहती। इसकी जानकारी पार्षद की भी दी जाए। 15 फीसदी अधिक अमाउंट से टेंडर आवेदन करने पर उसे निरस्त और विकास कार्य ठप होने का मुद्दा भी उठाया गया। पार्षदों ने मौके पर पुनरीक्षित बजट की बात भी दोहराई।
हालांकि, माना जा रहा है कि मेयर सुषमा खर्कवाल पुनरीक्षित बजट की बैठक तभी कराने को तैयार होंगी, जब नगर आयुक्त गौरव कुमार पहले से पास प्रस्तावों पर रिपोर्ट देंगे। कार्यकारिणी बैठक पर भी चर्चा हुई। आगामी 15 नवंबर तक नगर निगम की कार्यकारिणी बुलाने की संभावना है, जो दो बार रद्द हो चुकी है।
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div class=”f46ba790″बैठक में भाजपा के 80 पार्षदों में से 55 पार्षद पहुंचे। मेयर और नगर आयुक्त के बीच चल रहे विवाद के मुद्दे पर भी चर्चा की।div
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अफसरों पर नकेल कसने की योजना बनाई
मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार के बीच में चल रहे विवाद का असर भी बैठक में दिखा। चर्चा है मेयर ने पार्षदों को एकजुट करने का प्रयास किया, ताकि अधिकारियों पर नकेल कसी जा सके। बैठक में कई पार्षदों ने अधिकारियों पर दबाव डालने के उपाय मेयर को बताए। नगर आयुक्त के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने की सलाह भी कुछ पार्षदों ने दी। आरोप लगाया कि नगर आयुक्त जनप्रतिनिधियों की सुन नहीं रहे हैं। कार्यकारिणी और सदन में पास प्रस्तावों पर अमल नहीं करा रहे हैं। हालांकि, कुछ पार्षद बैठक करने और अधिकारियों से बात करने के पक्ष में दिखे।
सूत्रों ने बताया कि मेयर अब नगर आयुक्त के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन कर सकती हैं। अधिकतर पार्षदों ने मेयर के साथ में एकजुट होने की बात की है।




