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लखनऊ में नगर निगम की टीम और स्थानीय पार्षद ने एक NGO की अध्यक्ष (महिला) के साथ गंभीर अभद्रता और बदसलूकी की है। NGO ने आरोप लगाया कि टीम कुत्ते पकड़ने आई थी। उनसे केवल इतना कहा कि वही कुत्ते पकड़िए जो काटते हों। इतने में ही विवाद बढ़ गया और टीम और पार्षद ने NGO की अध्यक्ष से अभद्रता शुरू कर दी।
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छाती पर हाथ रखा गया, उन्हें जबरन रोका गया और भीड़ के बीच असुरक्षित हालात में रखा गया। मौके पर मौजूद पार्षद ने आम लोगों को इकट्ठा कर लिया था। आरोप है कि पार्षद और कई अन्य लोगों ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। पीछे से पकड़कर फोन छीनकर फेंक दिया। कुछ लोगों ने उनकी छाती पर हाथ रखकर धक्का दिया।
जब पीड़िता घटना का वीडियो बना रही थीं, तो उनसे पूछा गया कि वीडियो क्यों बना रही हैं। उन्होंने जवाब दिया कि वीडियो इसलिए बना रही हैं ताकि कोई गलत हरकत न हो सके। इसके बाद लोगों ने उनका फोन छीनने की कोशिश की।
पार्षद ने छीना फोन, जमीन पर फेंका
आरोप है कि इसी दौरान मौके पर पहुंचे पार्षद अनुराग मिश्रा ने उन्हें पीछे से घसीटा और उनका मोबाइल फोन छीनकर जमीन पर फेंक दिया जिससे फोन टूट गया। फोन टूटने के बाद वे खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस करने लगीं। कुछ लोगों ने उन्हें कसकर दीवार की ओर धकेल दिया, जिससे वे डर गईं और रोने लगीं।
पीड़िता की सहयोगी महिला उनके पास खड़ी होकर उन्हें संभालती रहीं। जब पीड़िता ने वहां से जाने और पुलिस में शिकायत करने की बात कही, तो उन्हें जाने नहीं दिया गया। इस दौरान सीने पर हाथ रखकर रोका गया और कई आपत्तिजनक हरकतें की गईं। पीड़िता ने पार्षद अनुराग मिश्रा और सुनील सिंह नाम के व्यक्ति पर धमकाने और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए हैं।




