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मेरठ की रहने वाली सिपाही संध्या भारद्वाज के अपहरण केस की छानबीन करते हुए पुलिस उसकी लव स्टोरी तक पहुंच गई। अपनी शादी वाले दिन वह खुद हिस्ट्रीशीटर अंकित चौहान के साथ गई थी। दोनों कोर्ट मैरिज करना चाहते थे, लेकिन पुलिस की घेराबंदी बढ़ गई। यही वजह है किडनैपिंग के सिर्फ 8 घंटे के अंदर महिला सिपाही खुद ही मवाना थाने पहुंच गई।
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इस मामले में पिछले 48 घंटे में 2 बड़े घटनाक्रम हुए। पहला- 9 फरवरी को महिला सिपाही के कोर्ट में बयान हुए। दूसरा- 10 फरवरी को हिस्ट्रीशीटर ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जिसे जेल भेजा गया।
सिपाही ने कोर्ट में कहा
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मैं अंकित के साथ अपनी मर्जी से गई थी। हम कोर्ट मैरिज करने वाले थे। उससे पहले मेरी मां वहां आ गईं। इसलिए हम कोर्ट मैरिज नहीं कर सके थे।
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दरअसल, संध्या की शादी अलीगढ़ के बन्नादेवी थाने में तैनात सिपाही अतुल शर्मा से तय हुई थी। 8 फरवरी को शादी होनी थी, लेकिन उसी दिन सुबह संध्या भाग गई। इसके चलते उसके पिता की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट करना पड़ा था।
महिला सिपाही ने एक झटके में अपनी शादी तोड़ दी, परिवार से बगावत की थी। लेकिन, यह सब अचानक नहीं हुआ। इसकी शुरुआत 12 साल पहले हुई थी। जब महिला सिपाही अपने गांव से 6km दूर अपनी बुआ के साथ रहकर 9वीं की पढ़ाई कर रही थी।
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div class=”f46ba790″ये संध्या भारद्वाज का घर है। उसकी शादी से पहले रंगाई-पुताई हुई थी।div
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शादी वाले दिन क्या हुआ, पहले यह जानिए
रात 2 बजे अंकित बाइक पर आया, संध्या को साथ ले गया
7 फरवरी को बहसूमा इलाके के अकबरपुर सादात गांव में सिपाही संध्या का घर सजा हुआ था। घर के अंदर ढोलक पर महिलाएं बधाई गीत गा रही थीं। परिवार के लोग शादी की तैयारियां कर रहे थे। भाई प्रिंस ने बताया- शादी का पूरा अरेंजमेंट DPM स्कूल के पास स्थित प्रधान फॉर्म हाउस में किया गया था।
दिनभर की दौड़-भाग के बाद हम लोग थक चुके थे। सारा बवाल, रात 2 बजे हुआ, जब घर के बाहर एक बाइक आकर रुकी। कोई और नहीं, हिस्ट्रीशीटर अंकित चौहान हमारे घर पहुंचा था।
उसने संध्या को फोन किया। कुछ देर में संध्या के साथ उसके परिवार के लोग भी घर के बाहर निकल आए। गहमा-गहमी शुरू हुई। अंकित चिल्लाया- जब मैंने कहा था कि संध्या की शादी मुझसे होगी, तो आप लोग क्यों कहीं और उसकी शादी कर रहे हो।
इसके बाद संध्या उसके साथ बाइक पर बैठ गई। इससे पहले परिवार के लोग उसको रोक पाते, दोनों वहां से चले गए। इस घटना के बाद पिता सुभाष शर्मा ने थाने में अंकित चौहान के खिलाफ बेटी को किडनैप करने की FIR दर्ज करा दी। पुलिस ने मेरठ बॉर्डर पर घेराबंदी तेज कर दी। मामला महिला सिपाही से जुड़ा था, जिसे शादी से पहले किडनैप किया गया था।
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कोर्ट मैरिज करनी थी, लेकिन तेजी से घटनाक्रम बदलते गए
दूसरी तरफ, संध्या की मां भी लगातार अपनी बेटी को कॉल करके समझा रही थीं। वह अपने परिवार के एक सदस्य के जरिए संध्या को फॉलो करने की कोशिश कर रही थीं। संध्या और अंकित ने पहले ही अपनी कोर्ट मैरिज की तैयारी कर ली थी। संध्या ने अपनी मां को फोन पर बता दिया कि आप परेशान मत हो। मैं शादी ही कर रही हूं। अब दूल्हा आपकी नहीं, मेरी पंसद का होने जा रहा।
संध्या कैसे मिली, इसकी 2 कहानी सामने आईं
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- पहली कहानी- अंकित और संध्या कोर्ट पहुंचने वाले थे, लेकिन पीछे-पीछे संध्या की मां भी वहां पहुंच गईं। उन्होंने संध्या को बदनामी का हवाला देकर समझाया कि हर काम को करने का एक तरीका होता है। शादी का ये तरीका गलत है। तुम्हें शादी करनी है, तो करवा देंगे। लेकिन, भागकर कोर्ट मैरिज मत करो। इसके बाद संध्या मान गई थी। लेकिन, दूसरी तरफ पुलिस की घेराबंदी बढ़ गई थी। इसलिए अंकित चौहान वहां से चला गया। वरना पुलिस उसको अरेस्ट कर लेती।
- दूसरी कहानी- संध्या के भाई प्रिंस का कहना है कि गंगानगर बक्सर के पास से संध्या ने मुझको फोन किया था। कहा था कि मुझे आकर लेकर जाओ, मैं यहीं पर खड़ी हूं। प्रिंस के मुताबिक, जब वह अपनी बहन को लेने पहुंचता, उससे पहले ही पुलिस पहुंच गई। उन्होंने उसे संध्या से मिलने नहीं दिया था।
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संध्या अपने परिवार से नाराज थी, इसलिए वो अपने पिता के घर वापस नहीं आई, बल्कि अपने ननिहाल चली गई। वहां पहुंचकर संध्या ने परिवार को पूरी बात बताई। इसके बाद संध्या के मवाना थाने में बयान दर्ज हुए। वहीं, पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में संध्या के पिता का आरोप अंकित चौहान पर लगाया। कहा कि उसने संध्या का अपहरण किया है। इस पर पुलिस ने रिपोर्ट में बदलाव कर दिया था।
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div class=”f46ba790″संध्या को मवाना थाने ले जाती पुलिस।div
बुआ के घर पर मिले, दोस्ती के बाद मुलाकातें होने लगीं
संध्या ने मवाना थाने के SHO पूनम जादौ को अपनी लव स्टोरी भी सुनाई। संध्या के मुताबिक, यह 2015-16 की बात है। उसका परिवार बहसूमा के अकबरपुर सादात गांव में रहता था। संध्या की स्कूलिंग मनफूल कन्या इंटर कॉलेज, बहसूमा में हुई। कॉलेज की पढ़ाई ASPG कॉलेज, मवाना से हुई। संध्या ने यहां से B.COM की पढ़ाई की।
संध्या जब 9वीं में पढ़ती थी, तब वह अपने गांव से 6km दूर अपनी बुआ के गांव ढकौल चली गई थी। गांव में ही अंकित चौहान भी रहता था। उस वक्त वो 10वीं की पढ़ाई कर रहा था। अंकित ने इसके बाद पढ़ाई छोड़ दी। लेकिन, उसका संध्या की बुआ के घर आना-जाना था।
यही वो वक्त था, जब संध्या और अंकित की मुलाकातें हुई। पहले घर, फिर घर के बाहर भी दोनों मिलने लगे, लेकिन मामला दोस्ती तक था। दोनों को यह नहीं पता चला कि वो प्यार की नाजुक डोर में धीरे-धीरे बंधते जा रहे थे। बुआ के घर में भी यही पता था कि अंकित से संध्या की दोस्ती है।
पढ़ाई पूरी करने के बाद 2021 में संध्या का सिलेक्शन यूपी पुलिस में हो गया। उसको साइबर क्राइम थाने में तैनाती मिल गई। वहीं, अंकित चौहान के पैर क्राइम की दुनिया में जमते जा रहे थे। 1-1 करके उसके खिलाफ 11 केस दर्ज हो गए। पुलिस रिकार्ड में वह हिस्ट्रीशीटर बन गया था। बहुत कुछ बदला, लेकिन संध्या और अंकित का प्यार कम नहीं हुआ।
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इस दौरान संध्या की शादी अलीगढ़ के बन्नादेवी थाने में तैनात सिपाही अतुल शर्मा से तय कर दी गई। तब संध्या ने अपने घर पर अंकित चौहान के लिए बात की। परिवार के लोगों ने कहा कि एक सिपाही को छोड़कर तुम हिस्ट्रीशीटर के साथ घर बसाना चाहती हो। हम यह नहीं होने देंगे। इसके बाद ही संध्या ने अंकित के साथ घर से भागने की प्लानिंग कर ली।
सीओ मवाना पंकज लवानिया ने बताया- मई, 2025 में अंकित चौहान ने शराब के ठेके पर लूट की थी। इसमें ठेका मालिक की हत्या कर दी गई थी। पुलिस मुठभेड़ में अंकित के पैर में गोली लगी थी। पुलिस ने उसको जेल भेजा था। कुछ दिन पहले ही अंकित छूटकर बाहर आया था। अंकित पर मवाना थाने में 9 केस, जबकि 2 केस किला परीक्षितगढ़ थाने में दर्ज हैं। ठेका मालिक की हत्या करने में अंकित के खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। वह मेरठ के गोलू गैंग से जुड़ा है।
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div class=”f46ba790″यही वो रास्ता है, जिससे अंकित संध्या को लेकर बाइक पर भाग निकला था।div
पहले टीचर बनना चाहती थी, फिर यूपी पुलिस में सिलेक्ट हुई
पिता सुभाष शर्मा कहते हैं- संध्या चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी है। दूसरे नंबर का भाई प्रिंस है, जो बीएससी कर रहा। उसके बाद हर्षित और एक छोटी बहन भी है। सभी पढ़ाई कर रहे हैं। संध्या पहले टीचर बनना चाहती थी। B.Ed की पढ़ाई नहीं की, इसलिए पुलिस विभाग में भर्ती होने का फैसला किया। उसने 2020 की भर्ती परीक्षा भी पास की थी, लेकिन दौड़ में पीछे गई थी।
उसके बाद रेलवे का एग्जाम दिया और उसे भी पास कर लिया। वहां भी हाइट आड़े आ गई। इसके बाद दिल्ली पुलिस का भी एग्जाम क्रैक किया, लेकिन हाइट के चलते सिलेक्शन नहीं हुआ। 2021 का यूपी पुलिस का एग्जाम पास करने के बाद वह कॉन्स्टेबल बन गई।
पिता का दावा- धमकी देकर किया गया अगवा
सुभाष शर्मा का कहना है- अगर संध्या को मनमानी ही करनी होती तो वह ड्यूटी से ही चली जाती। उसने अपनी शादी की सारी खरीदारी की। वह अपनी शादी को लेकर बहुत खुश थी। तनाव जैसी बात उसके चेहरे पर नजर नहीं आई। निश्चित तौर पर अंकित ने उसे धमकी दी होगी या हथियारों के बल पर उसे ले गया होगा।
पिता ने यह भी बताया कि बेटी के लापता होने की सूचना जब वर पक्ष को लगी तो उन्होंने फोन पर सारी जानकारी ली थी। उन्होंने हरसंभव मदद का भरोसा भी दिलाया था, लेकिन उसके बाद उनसे कोई बात नहीं हुई। उन्होंने बताया कि 5 फरवरी को सगाई हुई थी, जिसमें वह दहेज का ज्यादातर सामान बेटी की ससुराल भेज चुके हैं। इसमें एक लाख रुपए कैश भी शामिल है।




