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लखनऊ

CEO के पद के लिए अंतिम साक्षात्कार करेगा राम मंदिर ट्रस्ट

August 12, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

अयोध्या।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के साक्षात्कार प्रक्रिया जारी। प्रक्रिया में अभ्यर्थियों के लिए 34 बिंदुओं वाला विस्तृत मूल्यांकन प्रारूप तैयार किया गया था। तीन सदस्यीय चयन समिति (सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, पूर्व वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी) की ओर से लिए गए इंटरव्यू में भीड़ प्रबंधन, धार्मिक जुड़ाव, नेतृत्व क्षमता से जुड़े सवाल पर अधिक जोर रहा।

श्रीराम मंदिर के सीईओ पद के लिए आवेदन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों से सामान्य प्रशासन, वित्त, मानव संसाधन, जनसंपर्क, सूचना प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था में कम से कम 20 वर्ष के अनुभव की जानकारी मांगी गई थी। सीईओ चयन के लिए 18 अभ्यर्थियों में से तीन नामों का पैनल तैयार किया जाएगा, जिनका अंतिम इंटरव्यू श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट करेगा। ट्रस्ट की अंतिम स्वीकृति के बाद एक अभ्यर्थी को राम मंदिर का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। ट्रस्ट ने सीईओ पद के लिए 50 से 70 वर्ष आयु सीमा निर्धारित की है। नियुक्ति प्रारंभिक रूप से तीन वर्ष के लिए होगी, जिसे कार्य प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा।
चयन समिति को अंतिम 18 आवेदकों में से तीन सर्वश्रेष्ठ नामों का पैनल तैयार कर दो सितंबर से पहले ट्रस्ट को सौंपना है। दो सिंतबर को ट्रस्ट की बैठक में सीईओ का नाम घोषित किया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार सीईओ की नियुक्ति में संघ के पदाधिकारियों की भी पंसद व राय देखी व जानी जाएगी। यह बात भी सामने आ रही है कि संघ की पृष्ठभूमि से जुड़ा कोई सेवानिवृत्त अधिकारी भी सीईओ हो सकता है।

स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं ले सकेगा सीईओ

ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार सीईओ स्वतंत्र रूप से नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेगा। उसकी भूमिका ट्रस्ट की ओर से निर्धारित नीतियों और निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू करने की होगी। वित्तीय, प्रशासनिक और विकास संबंधी महत्वपूर्ण मामलों में अंतिम निर्णय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का ही होगा। सीईओ को आवश्यकता के अनुसार अपने अधीन एक सचिव रखने की भी अनुमति होगी, जो प्रशासनिक कार्यों के संचालन और समन्वय में उसकी सहायता करेगा।

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