Saharanpur News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। घंटाघर स्थित सोफिया मार्केट की करेंसी चेस्ट से मुख्यालय भेजी गई नकदी के ऑडिट के दौरान 4.36 लाख रुपये की कमी सामने आने के बाद जब जांच आगे बढ़ी तो असली नोटों की जगह बड़ी मात्रा में जाली नोट मिलने का मामला सामने आया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक विभाग की ओर से सदर बाजार थाने में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। एक एफआईआर नकदी की कमी के मामले में हाउस कीपर विशाल कुमार के खिलाफ दर्ज कराई गई है, जबकि जाली करेंसी मिलने के मामले में करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा समेत तीन बैंक अधिकारियों को नामजद किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, सहारनपुर के घंटाघर स्थित सोफिया मार्केट की PNB करेंसी चेस्ट से मुख्यालय भेजी गई नकदी के ऑडिट के दौरान 4.36 लाख रुपये कम पाए गए।कैश में कमी सामने आने के बाद बैंक स्तर पर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान करेंसी चेस्ट में रखी नकदी की दोबारा पड़ताल की गई तो मामला सिर्फ कैश की कमी तक सीमित नहीं रहा।
जांच के दौरान करेंसी चेस्ट में रखी बड़ी मात्रा में नकदी में जाली नोट मिलने की बात सामने आई। इससे बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।प्रकरण में बैंक की ओर से जाली करेंसी के मामले में करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा समेत तीन अधिकारियों के खिलाफ सदर बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।हालांकि, जाली नोटों की कुल रकम कितनी है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
इस मामले में सूत्रों के हवाले से करीब 17 करोड़ रुपये की जाली करेंसी होने की बात कही जा रही है। हालांकि इतनी बड़ी रकम के जाली नोट मिलने की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल जांच एजेंसियों की ओर से नहीं की गई है।ऐसे में ₹17 करोड़ के आंकड़े को फिलहाल जांच का विषय माना जा रहा है। पुलिस और संबंधित विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वास्तव में कितनी नकदी जाली पाई गई थी।
मामले में अलग-अलग आरोपों को लेकर दो मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।
कैश कमी का मामला:4.36 लाख रुपये की नकदी कम पाए जाने के आरोप में हाउस कीपर विशाल कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
जाली करेंसी का मामला:जाली नोटों से संबंधित मामले में करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा समेत तीन बैंक अधिकारियों को नामजद किया गया है।अब पुलिस दोनों मामलों को अलग-अलग पहलुओं से जांच रही है।
मामले की जांच में पुलिस बैंक के रिकॉर्ड और करेंसी चेस्ट से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। इसके साथ ही बैंक परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि करेंसी चेस्ट में नकदी कब पहुंची, उसकी गिनती और सत्यापन किस स्तर पर हुआ और जाली नोट वहां तक कैसे पहुंचे।पुलिस बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ कर सकती है, ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
इस पूरे मामले को लेकर PNB के मंडलीय कार्यालय के अधिकारियों से मीडिया द्वारा सवाल किए जाने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि अधिकारियों की ओर से मामले पर संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई।वहीं, बैंक की आंतरिक प्रक्रिया और जांच के बीच अब निगाह इस बात पर है कि जाली करेंसी के स्रोत और करेंसी चेस्ट तक उसके पहुंचने की पूरी कहानी जांच में कैसे सामने आती है।
करेंसी चेस्ट से जाली नोट मिलने की पुष्टि होने पर जांच का दायरा केवल बैंक अधिकारियों तक सीमित नहीं रहेगा। पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि ये नोट कहां से आए और करेंसी चेस्ट में पहुंचने से पहले किन-किन स्तरों से गुजरे।यदि जांच में बड़ी मात्रा में नकली करेंसी की पुष्टि होती है तो यह मामला बैंकिंग सुरक्षा के साथ-साथ जाली नोटों के संभावित नेटवर्क की जांच से भी जुड़ सकता है।
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Source: Filmitics

