लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी योजनाओं और उनके असर को जनता तक पहुंचाने के लिए योगी सरकार एक बड़े जनसंपर्क अभियान की तैयारी में है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। इस अभियान का मकसद सिर्फ सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों के आंकड़े गिनाना नहीं, बल्कि उन लोगों की कहानियां सामने लाना है, जिनकी जिंदगी में इन योजनाओं से बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी न्याय पंचायत से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक प्रभावी तरीके से पहुंचाई जाए। अभियान के दौरान लाभार्थियों के अनुभवों को प्रमुखता दी जाएगी, ताकि सरकारी योजनाओं का जमीनी असर सीधे जनता के सामने रखा जा सके।
‘सेवा संकल्प अभियान’ में करीब 25 लाख लाभार्थियों की वास्तविक कहानियों को जनता तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके जरिए यह बताया जाएगा कि अलग-अलग सरकारी योजनाओं से किस तरह लोगों को आवास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों में मदद मिली।अभियान की शुरुआत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। इसके तहत लाभार्थी परिवारों के घरों में दीप जलाए जाएंगे और उनके अनुभवों को सामने लाया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि योजनाओं के आंकड़ों के साथ उन परिवारों की आवाज भी जनता तक पहुंचे, जिन्हें इन योजनाओं का लाभ मिला है।
अभियान को व्यापक जनसंपर्क का रूप देने के लिए डिजिटल माध्यमों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स को अभियान से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा करीब 400 से 500 सांस्कृतिक टोलियां भी जनजागरूकता और प्रचार गतिविधियों में भाग लेंगी।इन माध्यमों के जरिए गांवों और पंचायतों तक सरकार की उपलब्धियों, योजनाओं और लाभार्थियों की कहानियों को पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। अभियान में स्थानीय स्तर पर कार्यक्रमों और जनसंवाद को भी महत्व दिया जाएगा।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के दौरान करीब 13 प्रमुख कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों और जनसेवा से जुड़े प्रयासों को जनता के सामने रखा जाएगा। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा यात्रा और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।सरकार का जोर इस बात पर है कि योजनाओं का संदेश सिर्फ सरकारी कार्यालयों या दस्तावेजों तक सीमित न रहे, बल्कि पंचायत और गांव के स्तर पर लोगों तक सीधे पहुंचे।
अभियान का समापन 17 अक्टूबर को बड़े कार्यक्रम के साथ होगा। इस मौके पर करीब 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ ‘जनसेवा महाकुंभ’ आयोजित किए जाने की तैयारी है। इसके जरिए सरकार अपने जनसेवा और विकास के एजेंडे को व्यापक स्तर पर सामने रखेगी।कुल मिलाकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार आंकड़ों के साथ-साथ लाभार्थियों की व्यक्तिगत कहानियों को भी केंद्र में रखने की तैयारी कर रही है। अब देखना होगा कि गांव-गांव पहुंचने वाला यह अभियान सरकारी योजनाओं की जानकारी और उनके जमीनी असर को जनता तक पहुंचाने में कितना प्रभावी साबित होता है।
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Source: Filmitics

