गोरखपुर, 5 सितंबर। शिक्षक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों के सम्मान को लेकर एक मिसाल पेश की। गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृ…
गोरखपुर, 5 सितंबर। शिक्षक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों के सम्मान को लेकर एक मिसाल पेश की। गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने राज्य अध्यापक पुरस्कार और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित सभी 81 शिक्षकों को अपने हाथों से सम्मानित किया।दरअसल, समारोह के निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री को केवल 10 शिक्षकों को मंच पर अपने हाथों से पुरस्कार देना था। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग के 5 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 5 शिक्षक शामिल थे। लेकिन पुरस्कार वितरण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में बदलाव करते हुए सभी चयनित शिक्षकों को स्वयं सम्मानित करने का निर्णय लिया।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेशभर से आए सभी 81 शिक्षक सम्मान के हकदार हैं और उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। इसके बाद निर्धारित 10 शिक्षकों के साथ-साथ बाकी 71 शिक्षकों को भी मंच पर बुलाकर मुख्यमंत्री ने स्वयं पुरस्कार प्रदान किए।
मुख्यमंत्री की इस पहल से समारोह में मौजूद शिक्षक उत्साहित और भावुक नजर आए। इस वर्ष शिक्षक दिवस पर बेसिक शिक्षा विभाग के 61 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। सभी पुरस्कृत शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र के साथ 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया गया।
समारोह में महिला शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी और पुरुष शिक्षकों को बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया। इसके अलावा सभी पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को मां सरस्वती की प्रतिमा भी भेंट की गई। राज्य स्तरीय अध्यापक पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को सम्मान के साथ अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलेंगी। उन्हें उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में आजीवन हर वर्ष 4,000 किलोमीटर तक निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही उनकी सेवानिवृत्ति की आयु सीमा में भी दो वर्ष की वृद्धि होगी।बेसिक शिक्षा विभाग से प्रदेश के विभिन्न जिलों के 61 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार दिया गया। इनमें आगरा की संगीता शर्मा, अमरोहा की गीता वर्मा, बहराइच की प्रीति मिश्रा, बलरामपुर की सलमा खान, भदोही की उर्मिला देवी, बिजनौर की रचना कपूर, बदायूं की किरन देवी, बुलंदशहर की जूही मलिक, चंदौली की उषा सिंह, फर्रुखाबाद की गीता वर्मा समेत कई जिलों के शिक्षक शामिल हैं।माध्यमिक शिक्षा विभाग के राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए गाजियाबाद की रेनू तोमर, वाराणसी के डॉ. रमेश प्रताप सिंह, रायबरेली के गिरिजेश कुमार मल्ल, मुरादाबाद के डॉ. अनुज कुमार अग्रवाल, गोरखपुर के महेश्वर प्रसाद त्रिपाठी, संतकबीरनगर के अरुण कुमार ओझा और डॉ. अभिषेक कुमार सिंह, रामपुर के डॉ. गौरव वार्ष्णेय समेत 15 शिक्षकों का चयन किया गया।इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा के 5 शिक्षकों को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें लखीमपुर खीरी के डॉ. योगेन्द्र प्रताप सिंह, प्रयागराज के विक्रम बहादुर सिंह परिहार, झांसी की कल्पना सिंह, गाजियाबाद के डॉ. आनंद कुमार और बरेली के विजय पाल शामिल हैं। शिक्षक दिवस समारोह में 81 शिक्षकों का सम्मान हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सभी चयनित शिक्षकों को स्वयं पुरस्कार देना समारोह का सबसे खास और भावनात्मक क्षण रहा।
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Source: Filmitics

