अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन की सेनाओं के बीच सीमा पर जारी तनाव के बीच रविवार को एक अहम बैठक होने जा रही है। किबिथू के पास वाचा-डमई बॉर्डर पर्सनैल मीटिंग (BP…
अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन की सेनाओं के बीच सीमा पर जारी तनाव के बीच रविवार को एक अहम बैठक होने जा रही है। किबिथू के पास वाचा-डमई बॉर्डर पर्सनैल मीटिंग (BPM) पॉइंट पर दोनों देशों के कोर कमांडर स्तर के अधिकारियों की बैठक प्रस्तावित है। पूर्वी सेक्टर में यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछले करीब एक महीने से अपर सुबानसरी इलाके में दोनों देशों की सेनाओं के बीच तनातनी की खबरें सामने आती रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक भारतीय पक्ष की पहल पर वाचा बॉर्डर मीटिंग पॉइंट पर आयोजित की जाएगी। हालांकि, इस संबंध में भारतीय सेना की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी और तनाव को कम करने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर नजर बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, पूर्वी सेक्टर में कोर कमांडर स्तर के अधिकारियों के बीच यह पहली बड़ी BPM बैठक होगी। माना जा रहा है कि बातचीत के जरिए सीमा पर सामने आ रहे स्थानीय मुद्दों को सुलझाने और दोनों सेनाओं के बीच किसी तरह की गलतफहमी को बढ़ने से रोकने की कोशिश की जाएगी।
अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी Line of Actual Control (LAC) की निगरानी भारतीय सेना के दो प्रमुख कोर फॉर्मेशन करते हैं। इनमें तेजपुर स्थित 4 कोर और रंगापहार स्थित 3 कोर शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में भारतीय पक्ष की ओर से तीन कोर कमांडर स्तर के अधिकारी प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।
भारत और चीन के बीच LAC को लेकर लंबे समय से अलग-अलग धारणाएं रही हैं। दोनों देशों की सेनाएं कई इलाकों में LAC की वास्तविक स्थिति को अलग-अलग तरीके से देखती हैं। यही अंतर कई बार जमीनी स्तर पर आमने-सामने की स्थिति पैदा कर देता है।
अरुणाचल प्रदेश का यह इलाका रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में सीमा पर किसी भी तरह की गतिविधि को भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठान गंभीरता से लेता है। सूत्रों का दावा है कि भारतीय सेना ने क्षेत्र में चीनी सैनिकों की गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
साल 2020 में लद्दाख के गलवान में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन को लेकर बातचीत और सैन्य स्तर की बैठकों का महत्व काफी बढ़ गया है। इसके बाद लद्दाख के चुशुल-मोल्डो BPM पॉइंट पर कोर कमांडर स्तर की कई बैठकें होती रही हैं।
अब अरुणाचल प्रदेश में इसी तरह की उच्चस्तरीय बातचीत को अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, बैठक के परिणाम और दोनों पक्षों के बीच किसी ठोस सहमति को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की चीन यात्रा के बाद भारत और चीन के बीच LAC पर शांति और स्थिरता बनाए रखने को लेकर कई स्तरों पर बातचीत हुई है। इसी क्रम में सीमा पर तनाव कम करने और संवाद का रास्ता बनाए रखने की कोशिशों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके अलावा सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ के हालिया 3 कोर मुख्यालय दौरे को भी रणनीतिक दृष्टि से देखा जा रहा है। अब सबकी नजर वाचा-डमई BPM बैठक पर है—क्या यह बातचीत अरुणाचल में पिछले कुछ समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी, या सीमा पर भारत-चीन के बीच खींचतान अभी और जारी रहेगी?
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Source: Filmitics

