समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने मस्जिदों, मदरसों और कब्रिस्तानों से जुड़े मामलों में हो रही प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, उन्होंने कहा कि…
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने मस्जिदों, मदरसों और कब्रिस्तानों से जुड़े मामलों में हो रही प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, उन्होंने कहा कि किसी धार्मिक स्थल से जुड़ी शिकायत पर जल्दबाजी में कार्रवाई करने के बजाय पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
सांसद बर्क ने कहा कि किसी मस्जिद या धार्मिक स्थल को लेकर शिकायत मिलने पर प्रशासन को तत्काल कार्रवाई नहीं करनी चाहिए, उनके मुताबिक, डीएम या एसडीएम स्तर की अदालत अंतिम न्यायिक फैसला देने वाली अदालत नहीं है, ऐसे मामलों में उच्च न्यायपालिका का भी अधिकार क्षेत्र होता है, उन्होंने कहा कि जब तक किसी मामले में अंतिम न्यायिक फैसला नहीं आ जाता, तब तक धार्मिक स्थल के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
बर्क ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में इस तरह की कार्रवाई संविधान में दिए गए धार्मिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है, उन्होंने संभल की बाबा बाहउद्दीन मस्जिद से जुड़ी शिकायत का भी उल्लेख किया, इस मामले में मस्जिद की जमीन को लेकर शिकायत किए जाने की बात सामने आई है, शिकायत में दावा किया गया है कि मस्जिद एएसआई की देखरेख वाली जामा मस्जिद की संपत्ति पर बनी है, बर्क ने कहा कि ऐसे मामलों में जांच, दस्तावेजों की पड़ताल और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
सांसद ने सहारनपुर में मस्जिद पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए, उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई से एक दिन पहले मस्जिद को नहीं गिराने का भरोसा दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई की गई, बाद में मौके पर कुआं दिखाए जाने को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाया, बर्क ने कहा कि कुआं किसी एक धर्म का प्रतीक नहीं है और पुराने समय में लोग कुओं से पानी लेते थे, उन्होंने धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों में जल्दबाजी से बचने की मांग की।
बर्क ने किसी मामले की जानकारी लेने के लिए जाने वाले जनप्रतिनिधियों के डेलिगेशन को रोके जाने पर भी आपत्ति जताई, उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का जनता से मिलना और उनकी समस्याएं सुनना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, उन्होंने कहा कि अगर जनप्रतिनिधि जनता के बीच जाकर उनकी बात नहीं सुनेंगे तो फिर उनकी समस्याएं कौन उठाएगा।
सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि वह मस्जिद, मदरसे और कब्रिस्तान से जुड़े मामलों में हो रही जल्दबाजी वाली कार्रवाई का विरोध करते हैं, उन्होंने सरकार और प्रशासन से कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की मांग की, उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में अंतिम न्यायिक निर्णय से पहले प्रशासन को ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए, जिससे किसी पक्ष के अधिकार प्रभावित हों।
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Source: Filmitics







