Skip to content
September 14, 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
मां को गालियां दीं, लेकिन मैं उन्हें माफ करता हूं… जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पीएम मोदी की देश से बड़ी अपील, राष्ट्रपति ने पेपर लीक कानून संशोधन को दी मंजूरी, राज्यों में फास्ट ट्रैक अदालतों का रास्ता साफ *RBI का नया नियम : अब बैंकों को अपनी सभी शाखाओं में जमा पर देना होगा एकसमान ब्याज, चाहे सरकारी हो या प्राइवेट… अब चढ़ावा आठ सदस्यीय निगरानी टीम के हवाले, नई व्यवस्था 25 जुलाई से लागू विदिशा ट्रस्ट ने ‘वाइब्रेंट विदिशा’ के 15वें संस्करण का आयोजन किया; लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र स्थित हुसड़िया चौराहे के पास एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल कम डालने के आरोप को लेकर विवाद हिंसक हो गया। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र में मोहर्रम का जुलूस देख रहे एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते चाकू से हमला किया गया। विश्व योग दिवस पर प्रेरणा वाटिका पार्क में हुआ भव्य योग कार्यक्रम।
anya

गणेश चतुर्थी पर सीएम योगी की ‘पाती’: प्रकृति संरक्षण से आत्मनिर्भर यूपी तक का दिया संदेश –

September 14, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम पत्र लिखकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। अपनी ‘योगी की पाती’ में मुख्यमंत्री ने भगवान गणेश…

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम पत्र लिखकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। अपनी ‘योगी की पाती’ में मुख्यमंत्री ने भगवान गणेश के आध्यात्मिक स्वरूप के साथ उनके पर्यावरण और प्रकृति से जुड़े संदेश को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश शुभत्व और मंगल के आराध्य हैं और प्रदेश में विशेष रूप से युवाओं द्वारा घरों में गणपति की स्थापना कर श्रद्धा के साथ पूजन करना सामाजिक एकता और राष्ट्र के प्रति संकल्प को मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री ने भगवान गणेश के स्वरूप को प्रकृति और जीव-जगत से जोड़ते हुए कहा कि उनका गज मुख जंगलों और वन्यजीवों का प्रतीक है, जबकि मूषक वाहन भूमि की उर्वरता और कृषि से जुड़ा संदेश देता है। उनका विशाल उदर संपूर्ण ब्रह्मांड को समाहित करने की भावना को दर्शाता है और बड़े कान प्रकृति की हर पुकार को सुनने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी पर पूजे जाने वाले एकविंशति पत्र यानी 21 प्रकार की विशेष पत्तियां औषधीय पौधों के संरक्षण की परंपरा से भी जुड़ी हैं।

भगवान गणेश का चरित्र मानव जीवन और प्रकृति के बीच परस्पर पूरक संबंध का संदेश देता है।सीएम योगी ने गणेशोत्सव को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की उस परंपरा से भी जोड़ा, जिसने आस्था को सामाजिक एकता, एकता को जनशक्ति और जनशक्ति को राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा में बदलने का काम किया। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव में निहित ज्ञान, विवेक और कर्म की भावना 17 सितंबर को होने वाले भगवान विश्वकर्मा के पूजन में भी दिखाई देती है। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर कौशल और तकनीक के संगम से विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्र और आधुनिक आधारभूत ढांचे नए उत्तर प्रदेश की बढ़ती क्षमता के प्रमाण हैं, लेकिन किसी प्रदेश का वास्तविक निर्माण केवल बड़े ढांचों से नहीं होता। प्रदेश की असली ताकत उसके लोगों के हुनर, विचारों की शक्ति और उद्यमिता के साहस में होती है। इसी सोच के तहत सरकार विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद-एक उत्पाद, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान जैसी योजनाओं के जरिए कारीगरों, शिल्पकारों, युवाओं और उद्यमियों को कौशल, उपकरण, वित्त और बाजार से जोड़ने का काम कर रही है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से ‘वोकल फॉर लोकल’ को केवल नारे तक सीमित न रखने, बल्कि इसे व्यवहार का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने से कारीगरों के हाथों को काम, युवाओं को रोजगार के अवसर और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, हुनर और स्थानीय सामर्थ्य पर विश्वास के जरिए ही आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का रास्ता मजबूत होगा।

div

Source: Filmitics

शेयर करें:

संबंधित खबरें

और खबरें

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *