UPI ट्रांजैक्शन पर MDR शुल्क लागू किए जाने के फैसले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना सा…
UPI ट्रांजैक्शन पर MDR शुल्क लागू किए जाने के फैसले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने कारोबारी अश्नीर ग्रोवर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि भाजपा दूसरों की कमाई से कमाने के चक्कर में UPI से भुगतान करने पर भी पैसे वसूलने का काम करने वाली है। उन्होंने सवाल किया कि ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी क्या ऐसे बनेगी। अखिलेश यादव ने आगे भाजपा को ‘चुंगीजीवी’ बताते हुए पेमेंट गेटवे से भी पैसा लेने का आरोप लगाया।
15 अक्टूबर से लागू होगी नई व्यवस्था
दरअसल, 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR शुल्क लागू किया जाना है। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा। नई व्यवस्था में यह शुल्क ग्राहकों के बजाय संबंधित मर्चेंट से लिया जाएगा। वहीं, 2,000 रुपये तक के पात्र मर्चेंट UPI भुगतान और व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) UPI ट्रांजैक्शन इस MDR व्यवस्था के दायरे में नहीं आएंगे।
संसद की समिति में भी उठा मुद्दा
UPI शुल्क व्यवस्था को लेकर संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति की बैठक में भी सदस्यों ने चिंता जताई। समिति के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद भर्तृहरि महताब ने बताया कि UPI का मुद्दा बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं था, लेकिन सदस्यों ने इस संबंध में अपनी चिंताएं रखीं। उन्होंने कहा कि अक्टूबर में नई समिति के अस्तित्व में आने के बाद इस मुद्दे पर विचार किया जा सकता है। इस बीच, UPI शुल्क व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अखिलेश यादव के बयान के बाद डिजिटल भुगतान पर MDR को लेकर सरकार के फैसले पर विपक्ष की आपत्तियां एक बार फिर सामने आई हैं।
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Source: Filmitics







