Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की जरूरत पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि पंचाय…
Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की जरूरत पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि पंचायतों और नगरपालिकाओं के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन होने जरूरी हैं, ताकि वे स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा कर सकें
मुख्यमंत्री ने बुधवार को नवगठित सातवें पंजाब वित्त आयोग के साथ बैठक की अध्यक्षता की. इस दौरान उन्होंने आयोग की भूमिका और स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य पंचायतों और नगरपालिकाओं की आर्थिक स्थिति का आकलन करना और उन्हें मजबूत बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव देना है
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य वित्त आयोग पंचायतों और नगरपालिकाओं के वित्तीय विकेंद्रीकरण का एक महत्वपूर्ण संवैधानिक माध्यम है. आयोग राज्य और स्थानीय निकायों के बीच करों, शुल्क, रोड टैक्स, टोल और अन्य राजस्व से मिलने वाली राशि के बंटवारे को लेकर सिफारिशें करता है
उन्होंने कहा कि आयोग को यह भी देखना होगा कि अलग-अलग स्तर की पंचायतों और नगरपालिकाओं के बीच उपलब्ध राजस्व का वितरण किस तरह किया जाए, जिससे स्थानीय संस्थाओं को अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए पर्याप्त संसाधन मिल सकें
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं. नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय बुनियादी ढांचे के विकास में भी इन संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है. ऐसे में संसाधनों के आवंटन की व्यवस्था पारदर्शी, न्यायसंगत और लंबे समय तक टिकाऊ होनी चाहिए
उन्होंने उम्मीद जताई कि सातवां पंजाब वित्त आयोग स्थानीय निकायों की आय क्षमता, खर्च की जिम्मेदारियों और वित्तीय जरूरतों का व्यापक अध्ययन करेगा. इसके आधार पर आयोग ऐसी सिफारिशें देगा, जिससे पंचायतों और नगरपालिकाओं की आर्थिक क्षमता बढ़ाई जा सके और वे अपने कामकाज को बेहतर तरीके से चला सकें
भगवंत मान ने कहा कि आयोग स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए जरूरी कदमों की सिफारिश भी करेगा. इसके साथ ही गैर-उत्पादक राजस्व खर्च को कम करने और उपलब्ध पूंजीगत संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के उपाय सुझाने की जिम्मेदारी भी आयोग की होगी
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था और तकनीकी सहायता को मजबूत करना भी जरूरी है, ताकि स्थानीय निकाय उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी तरीके से इस्तेमाल कर सकें
पंजाब सरकार ने ‘पंचायतों और नगरपालिकाओं के लिए पंजाब वित्त आयोग अधिनियम, 1994’ की धारा 3(1) के तहत सातवें पंजाब वित्त आयोग का गठन किया है. पंजाब के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव के. शिव प्रसाद को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है
आयोग में शौकत राय को विशेषज्ञ सदस्य बनाया गया है. इसके अलावा ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग और स्थानीय निकाय विभाग के प्रशासनिक सचिव पदेन सदस्य होंगे. वित्त विभाग के विशेष सचिव को एक्स ऑफिसिओ सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है
मुख्यमंत्री ने आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आयोग को उसके काम के लिए जरूरी सहयोग और सहायता उपलब्ध कराएगी
सरकार के अनुसार, सातवें पंजाब वित्त आयोग का पांच साल का कार्यकाल 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा. आयोग को 30 सितंबर 2027 तक अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को उपलब्ध करानी है. रिपोर्ट में आयोग अपने निष्कर्षों तक पहुंचने के आधार का भी उल्लेख करेगा
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक शेखर के अलावा ग्रामीण विकास, स्थानीय निकाय और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे
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Source: NewsNationTV







