Skip to content
September 22, 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
मां को गालियां दीं, लेकिन मैं उन्हें माफ करता हूं… जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पीएम मोदी की देश से बड़ी अपील, राष्ट्रपति ने पेपर लीक कानून संशोधन को दी मंजूरी, राज्यों में फास्ट ट्रैक अदालतों का रास्ता साफ *RBI का नया नियम : अब बैंकों को अपनी सभी शाखाओं में जमा पर देना होगा एकसमान ब्याज, चाहे सरकारी हो या प्राइवेट… अब चढ़ावा आठ सदस्यीय निगरानी टीम के हवाले, नई व्यवस्था 25 जुलाई से लागू विदिशा ट्रस्ट ने ‘वाइब्रेंट विदिशा’ के 15वें संस्करण का आयोजन किया; लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र स्थित हुसड़िया चौराहे के पास एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल कम डालने के आरोप को लेकर विवाद हिंसक हो गया। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र में मोहर्रम का जुलूस देख रहे एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते चाकू से हमला किया गया। विश्व योग दिवस पर प्रेरणा वाटिका पार्क में हुआ भव्य योग कार्यक्रम।
desh

Parivartini Ekadashi 2026: परिवर्तिनी एकादशी पर आज भगवान विष्णु को इन चीजों का लगाएं भोग, जानें कब होगा पारण

September 22, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

Parivartini Ekadashi 2026: आज यानी 22 सितंबर 2026 को मंगलवार के दिन परिवर्तिनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है. इस साल तिथि को लेकर काफी कंफ्यूजन बना हुआ था. लेकि…

Parivartini Ekadashi 2026: आज यानी 22 सितंबर 2026 को मंगलवार के दिन परिवर्तिनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है. इस साल तिथि को लेकर काफी कंफ्यूजन बना हुआ था. लेकिन व्रत रखने की सही तारीख आज की है. परिवर्तिनी एकादशी भाद्रपद मास की प्रमुख एकादशी होती है. इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु करवट लेते हैं. इसलिए, विशेष रूप से उनका पूजन किया जाता है. साथ ही उन्हें प्रिय मानी जाने वाली चीजों का भोग भी लगाया जाता है. आइए जानते हैं आज परिवर्तिनी एकादशी पर उन्हें किन चीजों को भोग लगाना चाहिए

ज्योतिषाचार्य हरीगोपाल शर्मा बताते हैं कि भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर परिवर्तिनी एकादशी का व्रत किया जाता है. इस एकादशी को पद्म एकादशी और पार्श्व एकादशी भी कहा जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 21 सितंबर 2026 की रात करीब 8 बजे से प्रारंभ हुई थी और 22 सितंबर को रात 9 बजकर 43 मिनट पर समाप्त होगी. उदया तिथि के नियमानुसार, इस व्रत को 22 सितंबर के दिन रखा जाना चाहिए

परिवर्तिनी एकादशी पर व्रत करने वाले लोगों को सुबह सूर्य की प्रथम किरण पड़ने के बाद स्नान आदि करना चाहिए. भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत संकल्प लेना चाहिए. मंदिर की सफाई करें और फिर भगवान के सामने दीपक जलाएं. इसके बाद श्रीहरि विष्णु को पीले फूल, तुलसी दल, पीले रंग की मिठाइयां और दूध से बनी चीजों का भोग लगाएं. पूजा के दौरान भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए विष्णु जी के मंत्रों का जाप कर सकते हैं. इसके बाद आप आज के दिन विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें. एकादशी व्रत कथा का पाठ करें और अंत में आरती करके पूजा संपन्न करें. आज के दिन शाम को भी विधिवत पूजा करनी चाहिए. शाम के समय तुलसी पौधे के पास दीया जलाना चाहिए

परिवर्तिनी एकादशी पर भगवान विष्णु को पीले फलों जैसे केला या आम चढ़ा सकते हैं. उन्हें बेसन के लड्डू, बेसन की बर्फी तथा बूंदी चढ़ा सकते हैं. भगवान विष्णु को खीर का भोग लगाएं. पंचामृत, मखाने, मेवे, माखन तथा दूध से बने मिष्ठान अर्पित करें. गेंदे के फूलों का पूजा में इस्तेमाल जरूर करें. भगवान विष्णु के भोग में तुलसी दल का होना आवश्यक होता है. इसके अलावा, उन्हें पान, इलायची और सुपारी भी चढ़ा सकते हैं. प्रसाद में बताशे तथा पेड़े भी अर्पित किए जाते हैं और नारियल तथा गोला भी भगवान विष्णु को प्रिय है

परिवर्तिनी एकादशी का पारण 23 सितंबर 2026 बुधवार को किया जाएगा. आपको इस दिन व्रत का पारण सूर्योदय के बाद करना है. पारण का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 27 मिनट से लेकर सुबह 8 बजकर 53 मिनट है. इस अवधि में व्रत खोला जा सकता है. इस दिन द्वादशी तिथि होती है, जो रात 10 बजकर 50 मिनट पर समाप्त होगी

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

div

Source: NewsNationTV

शेयर करें:

संबंधित खबरें

और खबरें

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *